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मेहंदी पर ये हैं 10 बड़े शेर...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  प्रसिद्ध अभिनेता अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर की 8 मई को शादी है। उनकी मेहंदी की रस्म पूरी होने के बाद मंगलवार को शादी समारोह का आयोजन है। शादी में मेहंदी और हल्दी की रस्म सुहानी परंपराएं है। मेहंदी पर हम यहां 10 बड़े शेर पेश कर रहे हैं।

मेहंदी लगाए बैठे हैं कुछ इस अदा से वो
मुट्ठी में उनकी दे दे कोई दिल निकाल के
-रियाज़ ख़ैराबादी
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मेहंदी लगाने का जो ख़याल आया आप को
सूखे हुए दरख़्त हिना के हरे हुए
-हैदर अली आतिश

मेहंदी ने ग़ज़ब दोनों तरफ़ आग लगा दी
तलवों में उधर और इधर दिल में लगी है
-अज्ञात

कुश्ता-ए-रंग-ए-हिना हूँ मैं अजब इस का क्या
कि मिरी ख़ाक से मेहंदी का शजर पैदा हो
-मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

लब-ए-नाज़ुक के बोसे लूँ तो मिस्सी मुँह बनाती है
कफ़-ए-पा को अगर चूमूँ तो मेहंदी रंग लाती है
-आसी ग़ाज़ीपुरी

मल रहे हैं वो अपने घर मेहंदी
हम यहाँ एड़ियाँ रगड़ते हैं
-माधव राम जौहर

मेहंदी के धोके मत रह ज़ालिम निगाह कर तू
ख़ूँ मेरा दस्त-ओ-पा से तेरे लिपट रहा है
-मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
 

अल्लाह-रे नाज़ुकी कि जवाब-ए-सलाम में
हाथ उस का उठ के रह गया मेहंदी के बोझ से
-रियाज़ ख़ैराबादी
 

चुरा के मुट्ठी में दिल को छुपाए बैठे हैं
बहाना ये है कि मेहंदी लगाए बैठे हैं
-क़ैसर हैदरी देहलवी

दोनों का मिलना मुश्किल है दोनों हैं मजबूर बहुत
उस के पाँव में मेहंदी लगी है मेरे पाँव में छाले हैं
-अमीक़ हनफ़ी  

साभार-रेख्ता
8 वर्ष पहले
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