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हौसलों की उड़ान पर कुछ चुनिंदा शेर

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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फ़लक को छूने की ख़्वाहिश हज़ार दिल में लिए
कि सरगिराँ है हमारी उड़ान भी हम भी
- नबील अहमद नबील

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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से
वो और थे जो हार गए आसमान से
- फ़हीम जोगापुरी

उसे गुमाँ है कि मेरी उड़ान कुछ कम है
मुझे यक़ीं है कि ये आसमान कुछ कम है
- नफ़स अम्बालवी

जितने ऊँचे ख़याल होते हैं
उतनी ऊँची उड़ान होती है
- हफ़ीज़ बनारसी

आसमाँ तक उड़ान है मेरी
मैं भला किस के हाथ आता हूँ
- फ़रहान हनीफ़ वारसी

उड़ान वालो उड़ानों पे वक़्त भारी है
परों की अब के नहीं हौसलों की बारी है
- वसीम बरेलवी
 

बहुत गर्द उड़ने लगी मेरे पीछे
अकेला ही मैं कारवाँ हो गया हूँ
- ज़फ़र इक़बाल

हवा रुख़ बदलती रहे भी तो क्या
परिंदा तो अपनी उड़ानों में है
- अमीर क़ज़लबाश

अभी उड़ना है मुझ को आसमाँ तक
हुए जाते हैं पर बेताब मेरे
- इमरान शनावर
3 वर्ष पहले
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