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दो लाइनों के ये हैं 18 बड़े वायरल शेर...जिनके मायने हैं बहुत गहरे 

काव्य डेस्क

Viral Kavya
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                                                  दो लाइनों की शायरियों की इंटरनेट में काफी पहुंच हैं। सोशल मीडिया के प्लेटफार्म में तो इसका गुलशन हर किसी को महका रहा है। हमने भी इंटरनेट की दुनिया से छोटी-छोटी शायरी जुटाई है। उम्मीद है यह हमारे पाठकों को पसंद आएगी। 

अजीब जुल्म करती हैं  तेरी यादें मुझ पर 
सो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है

खतम हो गई कहानी, बस कुछ अलफाज बाकी हैं 
एक अधूरे इश्क की एक मुकम्मल सी याद बाकी है


 
 
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कोई उम्मीद नहीं थी हमें उनसे मुहब्बत की
एक ज़िद थी कि दिल टूटे तो सिर्फ उनके हाथ से टूटे 

ये इश्क जिसके कहर से डरता है जमाना
कमबख्त मेरे सब्र के टुकडों पर पला है

काश... एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर 
वो आकर गले लगा ले, मेरी इजाजत के बगैर

तू होश में थी फिर भी हमें पहचान न पायी
एक हम हैं कि पी कर भी तेरा नाम लेते रहे

साँसों का टूट जाना तो बहुत छोटी सी बात है दोस्तों,
जब अपने याद करना छोड़ दे, मौत तो उसे कहते हैं !!

डरता हूं कहने से कि मोहब्बत है तुम से,
कि मेरी जिंदगी बदल देगा तेरा इकरार भी और इनकार भी

 

रोज़ रोज़ जलते हैं, फिर भी खाक़ न हुए,
अजीब हैं कुछ ख़्वाब भी, बुझ कर भी राख़ न हुए

हमें तो प्यार के दो लफ्ज भी नसीब नहीं, 
और बदनाम ऐसे हैं जैसे इश्क के बादशाह थे हम 

 

जब भी वो उदास हो उसे मेरी कहानी सुना देना 
मेरे हालात पर हंसना उसकी पुरानी आदत है 

यादें उनकी ही आती है, जिनसे कोई ताल्लुक हो 
हर शख्श मौहब्बत की, नज़र से देखा नहीं जाता !!

जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है, रात होती है तो आँखों में उतर आता है, 
मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं, वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है..!

हकीकत में खामोशी कभी भी चुप नहीं रहती, 
कभी तुम ग़ौर से सुनना बहुत किस्से सुनाती है !!

मोहब्बत का मेरे सफर आख़िरी है, ये कागज कलम ये गजल आख़िरी है, 
मैं फिर ना मिलूँगा कहीं ढूंढ लेना, तेरे दर्द का ये असर आख़िरी है...!

एक मुद्दत से मेरे हाल से बेगाना है, जाने ज़ालिम ने किस बात का बुरा माना है, 
मैं जो जिंदगी हूँ तो वो भी हैं अना का कैदी, मेरे कहने पर कहाँ उसने चले आना है !!

मुहब्बत और नफरत सब मिल चुके हैं मुझे
मैं अब तकरीबन मुकम्मल हो चुका हूँ 

असल मोहब्बत तो वो पहली ही मोहब्बत थी.. 
इसके बाद तो हर शख्स में सिर्फ उसी को ढूँढ़ा है !!


नोट-इंटरनेट पर हमें इन शायरियों के रचयिता का नाम नहीं मिला है। अगर किसी को इनके रचनाकारों का नाम पता हो तो हमें बताएं हमें उसे सार्वजनिक करने में खुशी होगी। 
 
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