विज्ञापन

कन्हैया लाल सेठिया की कविता- फूल झरेगा, शूल रहेगा, सत्य कौन है

काव्य डेस्क

Kavita
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            फूल विहँसता, शूल मौन है ।
        
                                                    
                            
एक डाल के दोनों साथी
दोनों को ही हवा झुलाती
फूल झरेगा, शूल रहेगा, सत्य कौन है, भूल कौन है ?

लहर नाचता, कूल मौन है ।
एक पन्थ के दोनों साथी
दोनों को किरणें नहलाती
लहर मिटेगी, कूल रहेगा, सत्य कौन है, भूल कौन है ?

चरना बोलता, धूल मौन है ।
युग-युग के दोनों हैं साथी
दोनों पर ही नभ की छाती
चरण रुकेगा, धूल चलेगी, सत्य कौन है, भूल कौन है ?

हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।

15 hours ago
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12614 कविताएं

View Profile

Nathuram Kaswan

8654 कविताएं

View Profile

User

29 कविताएं

View Profile