विज्ञापन

पुस्तक मेला का तीसरा दिन - साहित्यकार कमलाकान्त त्रिपाठी के नए उपन्यास ‘तरंग’ का लोकार्पण

दीपाली अग्रवाल

Halchal
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  

धूप की लुका-छुपी और घटते-बढ़ते तापमान के बीच हज़ारों लोगों का हुजूम पुस्तक मेले में पहुंचा। सोमवार के अति व्यस्त दिन भी कई लोग वक़्त निकालकर पुस्तक मेले में गए। पुस्तक मेले के तीसरे दिन राजकमल प्रकाशन के जलसाघर में साहित्यकार कमलाकान्त त्रिपाठी के नए उपन्यास ‘तरंग’ और आशुतोष अग्निहोत्री के कविता संग्रह ‘ओस की थपकी’ का लोकार्पण हुआ। साथ ही कवि व लेखक गीत चतुर्वेदी से भी बातचीत की गयी। 

विश्व पुस्तक मेला में पाठकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। लोग किताब पढ़ रहे हैं, किताब खरीद रहे हैं और किताबों पर होने वाली चर्चा में शामिल भी हो रहे हैं। कमलाकान्त त्रिपाठी के नए उपन्यास के लोकार्पण पर पाठकों का उत्साह देखने लायक था। किताब पर दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक बली सिंह और कर्ण सिंह चौहान ने बातचीत कर उपन्यास का सार पाठकों के सामने खोलने की कोशिश की। बातचीत में लेखक कमलाकांत त्रिपाठी ने कहा, "तरंग में 1934 से 1942 तक का समय है और इसमें वही समस्याएं है जो जिनसे हम आज जूझ रहे हैं, फिर वो हिंदू मुस्लिम समस्या हो या दलितों की समस्या हो।" 

‘तरंग’ उपन्यास वर्तमान में देश की सामाजिक- राजनीतिक परिदृश्य की विसंगतियों, उसकी दुविधायों और उसके द्वन्द की तलाश है। गुलाम भारत की बुनियाद से शुरू होता यह उपन्यास, आज़ादी के उत्साह की सीढ़ी पर चढ़ते हुए आज के भारत में बदल रही सामाजिक घटनाओं की सूक्ष्मता से पड़ताल करता है।
 आशुतोष अग्निहोत्री के काव्य संग्रह ‘ओस की थपकी’ पर बातचीत करते हुए गीत चतुर्वेदी ने कहा, “आशुतोष का लेखन नए पाठकों की निर्मिती करता है। वह अपना सूत महीन कातते हैं, वो एकालाप नहीं, पाठकों से संवाद करना चाहते हैं।”

कार्यक्रम में अनूप बरनवाल की किताब ‘सामान अचार संहिता’ किताब का लोकापर्ण भी किया गया

विज्ञापन

7 जनवरी के कार्यक्रम

विभूति नारायण राय की नई किताब हाशिमपूरा 22 मई का लोकार्पण एवं अली जावेद और रामशरण जोशी से बातचीत। समय  - 2 बजे 

आलोचना पत्रिका के नए अंक का लोकार्पण। सम्पादक : संजीव कुमार, आशुतोष कुमार; सह- सम्पादक : आर. चेतनक्रान्ति;  कला सम्पादक: हरीश आनंद की उपस्थिति एवं बातचीत। समय – 3.30 बजे 

उर्दू किताबों का नया दौर : रेख्ता बुक्स और राजकमल प्रकाशन की साझा प्रस्तुति. वक्ता – अशोक महेश्वरी और फ़रहत एहसास. समय – शाम 4 बजे 

बापू की पाती और एक था मोहन किताब पर सोपान जोशी से विनीत कुमार और मिहिर पंड्या की बातचीत। समय – शाम 5 बजे  
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

LS Kuntal

1 कविता

View Profile