क्रिकेट की दुनिया में आते ही एक पारी में छह बल्लेबाज़ों को आउट करने वाले चौथे खिलाड़ी, विश्व कप के एक मैच में पांच शिकार करने वाले विकेटकीपर, और 1983 के प्रूडेंशियल विश्व कप में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर चुने गए - सैयद किरमानी। आज की पीढ़ी के बहुत कम लोग जानते हैं कि किरमानी के नाम तीन विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं। सैयद किरमानी क्रिकेट इतिहास के उन असाधारण विकेटकीपर में से एक हैं जिन्होंने इस खेल को अपनी प्रतिभा और समर्पण से समृद्ध किया था। उन्होंने दो अन्य लेखकों देबाशीष सेनगुप्ता और दक्षेष पाठक के साथ मिलकर अपनी क्रिकेट और उसके बाहर की दुनिया पर एक किताब लिखी है - स्टम्प्ड।
यह पुस्तक केवल उनके खेल और व्यक्ति के रूप में जीवन की कहानी नहीं है बल्कि भारतीय क्रिकेट के उस स्वर्णिम दौर का भी दस्तावेज़ है, जब भारत ने 1983 का विश्व कप, एशिया कप और विश्व चैम्पियनशिप ऑफ क्रिकेट जीता था। उभरते हुए क्रिकेटरों के लिए प्रेरणास्रोत किरमानी इस आत्मकथा में पहली बार अपने दिल की बात खुलकर साझा करते हैं। वे अपने करियर के सबसे ऊंचे और सबसे कठिन पड़ावों पर बेबाकी से चर्चा करते हैं - दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर में शुमार होने से लेकर खेल से उनके अप्रत्याशित और निराशाजनक विदाई तक।
किताब का लोकार्पण लंदन के हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में पिछले साल 2025 में हुआ था। 25 जून 1983 को भारत ने अपनी पहला सीमित ओवर वाला विश्व कप जीता था, उस समय किरमानी ने उस मैच में अहम भूमिका निभाई थी। उसके 42 साल बाद 25 जून 2025 को लंदन में इसका लोकार्पण हुआ। भारत के केरल साहित्योत्सव में शशि थरूर ने इस पर चर्चा की। पेंग्विन प्रकाशन से आई इस किताब पर सुनील गावस्कर से लेकर जैकी श्रॉफ़ तक ने लेखकों को बधाई दी है।
सह-लेखक देबाशीष बताते हैं कि - ये किताब सात साल की क़ड़ी मेहनत, कई रातें, लगातार लेखन और संपादन की यात्रा है। यह एक नई शैली की किताब है जिसमें उन्होंने जीवनी वाला हिस्सा लिखा है। पुस्तक अमेज़न, किंडल आदि मंचों पर उपलब्ध है।
2 महीने पहले