विज्ञापन

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शायराना मिजाज में कई सवालों के जवाब दिए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने

काव्य डेस्क

Halchal
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            चुनाव आयोग ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी 2025 को मतदान होगा। 8 फरवरी 2025 को मतगणना होगी और इसी के साथ यह तय हो जाएगा कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी बनने जा रही है?
        
                                                    
                            

चुनावी तारीखों के ऐलान से पहले विभिन्न सियासी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की तरफ से जवाब भी दिया गया। इस दौरान राजीव कुमार का शायराना अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने उठ रहे सवालों पर शायराना अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि... 

“सबके सवाल अहमियत रखते हैं, जवाब तो बनता है
आदतन कलम बंद जवाब देते रहे, आज रूबरू भी बनता है
क्या पता कल हम हों न हों, आज जवाब तो बनता है”

राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ की बात में दम नहीं है। कोर्ट ने माना है कि ईवीएम हैक नहीं हो सकती, लेकिन ईवीएम पर शक जताने की कोशिश की गई। चुनाव से सात-आठ दिन पहले ईवीएम तैयार हो जाती है। एजेंट के सामने ईवीएम सील होती है। मतदान के बाद ईवीएम सील की जाती है। ईवीएम में अवैध वोट की संभावना नहीं है। प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर विभिन्न राज्यों के चुनाव परिणाम से जुड़ा डेटा दिखाते हुए उन्होंने कहा-

“कर ना सके इकरार तो कोई बात नहीं,
मेरी वफा का उनको एतबार तो है,
शिकायत भले ही उनकी मजबूरी हो
मगर सुनना–सहना–सुलझाना हमारी आदत तो है”

विपक्ष लगातार विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में हेरफेर करने का आरोप लगा रहा है। ऐसे में वोटर लिस्ट और ईवीएम पर उठाए गए सवालों पर मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि ये सारे आरोप निराधार हैं। हमेशा सूची में कुछ नामों को जोड़ा जाता है और कुछ को हटाया जाता है। वोटर हटाने पर पूरी प्रक्रिया का पालन होता है। राजनीतिक दलों की सहमति से ही वोटर लिस्ट अपडेट होती है। दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों से ठीक पहले उन्होंने कहा...

“आरोपों और इल्जामों का दौर चले कोई गिला नहीं,
झूठ के गुब्बारों को बुलंदी मिले कोई शिकवा नहीं,
हर परिणाम में प्रमाण देते हैं,
पर वो बिना सबूत शक की नई दुनिया रौनक करते हैं
शक का इलाज तो हकीम लुकमान के पास भी नहीं”
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Bajrang Lal

19 कविताएं

View Profile