भारतीय शास्त्रीय संगीत में घरानों की लंबी परंपरा रही है। इन घरानों के दिग्गज संगीतज्ञों के मशहूर किस्से भी संगीत के विद्यार्थियों को खूब सुनाए जाते हैं। पुस्तक 'वाह उस्ताद' में ऐसे ही किस्सों को संगृहीत किया गया है। इसमें घरानों का इतिहास भले न हो, लेकिन लेखक डॉ प्रवीण कुमार झा ने प्रत्येक घराने के बड़े संगीतकारों के संस्मरण एकत्र करने में गहन शोध किया है। पुस्तक में कई संगीतकारों की पहली या आखिरी प्रस्तुति का भी जिक्र है। साथ ही बड़े गुलाम अली खान के रोचक किस्से भी पुस्तक को पठनीय बनाते हैं।
किताब- वाह उस्ताद
लेखक- डॉ प्रवीण कुमार झा
प्रकाशक- राजपाल एंड संज
मूल्य- 250 रुपये