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आज का विचार: सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
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                            बिना इंद्रियों को जीते धर्माचरण निष्फल है।
        
                                                    
                            
- सूर्यकांत त्रिपाठी निराला 
 
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एक महीने पहले
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