प्रेम दो भावों के बीच गतिशील होता है - आनंद और मंगलकामना। प्रेमी को प्रेम से आनंद की अनुभूति होती है, और प्रेमी प्रिय की मंगलकामना में प्रवृत्त होता है।
- मैनेजर पांडेय
हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।