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आज का विचार: महादेवी वर्मा

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
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                            दु:ख एक प्रकार श्रृंगार भी बन जाता है, इसी कारण दुःखी व्यक्तियों के मुख, देखने वाले की दृष्टि को बाँधे बिना नहीं रहते।
        
                                                    
                            
- महादेवी वर्मा 

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