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आज का विचार: भवभूति

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
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                            पत्थर भी रोने लगता है और वज्र का हृदय भी टुकड़े-टुकड़े हो जाता है।
        
                                                    
                            
- भवभूति 
 
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3 महीने पहले
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