जम्मू में कोरोना टेस्ट करवाने के लिए सैंपल लेती स्थ्वास्थ्य कर्मी।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना और लॉकडाउन का असर स्कूलों में होने वाले दाखिले पर भी पड़ा है। प्रदेश में 2020 में छह से 10 साल आयु वर्ग में 2.8 फीसदी बच्चों का स्कूलों में दाखिला नहीं हो पाया है। 2018 में इस आयु वर्ग में 0.9 फीसदी बच्चे थे। 15-16 आयु वर्ग में 3.7 फीसदी बच्चों का दाखिला नहीं हुआ है। हालांकि यह 2018 (9.8 फीसदी) के मुकाबले कम है। ये तथ्य एनुअल स्टेट्स ऑफ एजूकेशन रिपोर्ट (ग्रामीण) में सामने आए हैं, जिसे जम्मू-कश्मीर के 14 जिलों में हुए सर्वे के आधार पर तैयार किया गया है।
रिपोर्ट में हुआ जम्मू कश्मीर के स्कूलों का खुलासा
रिपोर्ट में सामने आया है कि घर में रहकर पढ़ाई करते समय 63 फीसदी अभिभावकों ने अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद की है, जबकि पड़ोसी राज्य हिमाचल में 80 फीसदी अभिभावकों ने अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद की है। रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर में 52.7 फीसदी बच्चों की मां और 20.5 फीसदी पिता की औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं है।
वहीं 77.1 फीसदी स्कूली बच्चों के अभिभावकों के पास स्मार्टफोन हैं, 2018 में यह आंकड़ा 50.9 फीसदी था। घर में रहते पढ़ाई के दौरान सरकारी स्कूलों के मुकाबले निजी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई से संबंधित सामग्री और गतिविधियां ज्यादा मिली हैं। इसमें व्हाट्सएप शिक्षा संबंधित सामग्री भेजने का सबसे बड़ा माध्यम रहा है।
प्रदेश में कोरोना के 182 लोग संक्रमित, कोई मौत नहीं
जम्मू-कश्मीर में कोविड संक्रमण का प्रसार जारी है। प्रदेश में वीरवार को 182 नए संक्रमित मामले मिले, जिसमें कश्मीर संभाग से 149 लोग संक्रमित हुए हैं। राजधानी श्रीनगर में सर्वाधिक 69 मामले मिले हैं। इसी जिले में सबसे अधिक 584 सक्रिय मामले हैं। राहत यह है कि पिछले चौबीस घंटे में किसी संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई है।
रामबन, पुंछ, सांबा, शोपियां में कोई संक्रमित मामला नहीं
बारामुला में 32, बडगाम में 17, कुपवाड़ा में 11, जम्मू में 11 नए मामले मिले हैं। प्रदेश के सभी बीस जिलों में सक्रिय मामले मौजूद हैं। जिला रामबन, पुंछ, सांबा, शोपियां में कोई संक्रमित मामला नहीं मिला है। प्रदेश में कुल मिले संक्रमित मामलों में दस यात्री शामिल हैं। जम्मू कश्मीर में सक्रिय मामलों का आंकड़ा बढ़कर 1706 तक पहुंच गया है। इसमें कश्मीर संभाग से 1458 मामले हैं। अब तक प्रदेश में 4466 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है।