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भारतीय सेना बोली: पंजाब रेजिमेंट का कोई भी जवान किसानों के आंदोलन में नहीं हुआ शामिल, मीडिया में चल रही खबर फर्जी

Sun, 10 Oct 2021 02:15 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सेना के अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें भारतीय सेना के जवान एक तंबू के नीचे नागरिकों के साथ खड़े होकर कह रहे हैं कि पंजाब रेजिमेंट के जवान कुछ किसानों के साथ विरोध कर रहे हैं। यह बिल्कुल मनगढ़ंत और फर्जी खबर है। 
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सेना के जवान - फोटो : ANI
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विस्तार
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पंजाब रेजिमेंट के कुछ जवानों के किसानों के आंदोलन में भाग लेने वाली खबर पर अब भारतीय सेना के अधिकारियों ने स्पष्टीकरण दिया है। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें भारतीय सेना के जवान एक तंबू के नीचे नागरिकों के साथ खड़े होकर कह रहे हैं कि पंजाब रेजिमेंट के जवान कुछ किसानों के साथ विरोध कर रहे हैं। यह बिल्कुल मनगढ़ंत और फर्जी खबर है। भारतीय सेना के अधिकारी ने आगे बताया कि यूनिट के पूर्व सैनिकों ने एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा रहे सेवारत कर्मियों के लिए चाय की व्यवस्था की थी। ऐसे में ये कहना कि ये वीडियो पंजाब रेजिमेंट के जवानों का है बिल्कुल गलत है।

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26 नवंबर से किसानों का आंदोलन जारी
बता दें कि 26 नवंबर, 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर किसान अपनी मांगों के समर्थन में डटे हुए हैं। केंद्र ओर राज्य सरकारों की तरफ से लगाई गई बाधाओं के बावजूद कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर किसान अड़े हुए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने तीनों कानूनों को कॉरपोरेट समर्थक बताते हुए फसलों पर लाभकारी एमएसपी को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की है।

संयुक्त किसान मोर्चा का देशभर में रेल रोकने का एलान
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में महापंचायत करने का एलान किया है। 26 अक्तूबर को लखनऊ में किसान मोर्चा महापंचायत करेगा। इसके अलावा 18 अक्तूबर को देशभर में रेल रोकने का एलान किया है। साथ ही अजय मिश्रा के इस्तीफे और आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग की है।  इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली की सीमाओं पर महीनों से चल रहे कृषि कानूनों के विरोध के दौरान लगभग 750 किसानों की मौत पर संसद में एक बार दुख व्यक्त करना चाहिए।

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