ईडी ने खिचड़ी कोविड घोटाला मामले में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के भाई संदीप राउत को तलब किया है। ईडी ने उन्हें 30 जनवरी को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है।
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज प्राथमिकी से सामने आया पूरा मामला
चव्हाण उद्धव खेमे की शिवसेना में शिवसेना यूबीटी युवा शाखा, युवा सेना की कोर कमेटी के सदस्य हैं। ईडी ने खिचड़ी घोटाले के आरोपों से घिरे इस नेता को 17 जनवरी को हुई पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। चव्हाण सीएम उद्धव के बेटे और पूर्व मंत्री आदित्य के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं। खबर के मुताबिक सोमवार को चव्हाण की हिरासत अवधि समाप्त हो रही थी। रिमांड बढ़ाने की अपील करते हुए विशेष अदालत में ईडी ने कहा, मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में इनकी सक्रिय भूमिका रही है। मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। बाद में पूरा मामला ईडी को सुपुर्द कर दिया गया।
8.64 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि प्रवासियों को खिचड़ी बांटने के काम में बृह्नमुंबई नगर निगम (BMC) की तरफ से ठेका देते समय कथित तौर पर गंभीर अनियमितताएं हुईं। ईडी का आरोप है कि खिचड़ी बांटने के बदले गलत तरीके से पैसों का लेन-देन हुआ। बीएमसी ने खिचड़ी बांटने के लिए फोर्स वन मल्टी सर्विसेज नाम की संस्था के खाते में 8.64 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस कंपनी को खिचड़ी बांटने का ठेका दिया गया था।
कहां से पैदा हुई आपराधिक आय
ईडी की जांच के मुताबिक फोर्स वन मल्टी सर्विसेज ने लगभग 3.64 करोड़ रुपये की 'आपराधिक आय' जुटाए। इस राशि में 1.25 करोड़ रुपये शिवसेना नेता सूरज चव्हाण के निजी बैंक खाते में भेजे गए। 10 लाख रुपये उनकी साझेदार कंपनी-फायर फाइटर्स एंटरप्राइजेज के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। दोनों राशि मिलाकर चव्हाण पर 1.35 करोड़ रुपये की 'आपराधिक आय' अर्जित करने का आरोप है।