मध्यप्रदेश के खंडवा वन मण्डल के सरमेश्वर वन परिक्षेत्र के जंगलों में वन अमले की टीम पर हमला करने का बड़ा मामला सामने आया है । अतिक्रमणकारीयो के द्वारा किये गए इस हमले में 5 वन कर्मचारी घायल हुए हैं, जिन पर अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थरों और गोफन से हमला किया गया था । इनमें भी एक वन रक्षक गंभीर रूप से घायल है, जोकि अतिक्रमणकारियों के हमले में चोट लगने से मौके पर ही बेहोश होने के चलते जिला अस्पताल लाया गया है, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है । बताया जा रहा है कि सरमेश्वर के जंगल में अतिक्रमण पर कार्रवाई के दौरान करीब 46 जवानों की टीम गई हुई थी। इस बीच अचानक अतिक्रमणकारीयो ने पत्थर और गोफन से हमला कर दिया था । इस दौरान वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कुछ समझ पाते उससे पहले ही उन पर जमकर पथराव किया गया था । इस हमले में घायल वनकर्मियों के सिर, पैर, सीने और पीठ पर पत्थरों से चोट के निशान आए हैं । वहीं इसको लेकर अब वन विभाग के अधिकारी हमला वारों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं ।
एक गंभीर के साथ ही 6 कर्मचारी हुए हैं घायल
वहीं इस मामले में उपवन क्षेत्रपाल चंद्रशेखर सोनी ने बताया कि हम लोग गुड़ी रेंज के वन परिक्षेत्र सरमेश्वर में अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से करीब 46 लोगों का स्टाफ साथ लेकर गए हुए थे । हम वहां पर सीपीटी खुदवा रहे थे, इसी बीच सीताबेड़ी क्षेत्र के कुछ वन अतिक्रमणकारी वहां आए और उन्होंने वन अमले पर पथराव कर दिया । इस हमले में हमारे सरमेश्वर रेंज के वनरक्षक संजय सिंह तोमर घायल हुए हैं, जिनके पीठ और सीने पर पत्थर के निशान हैं । उनके साथ ही 5-6 और कर्मचारियों को पत्थर लगे हैं, जिनके पीठ और पैर पर चोट के निशान हैं, हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं हैं ।
पत्थर लगने से वन कर्मचारी हुआ घायल
इधर खंडवा एसडीओ संदीप वास्कले ने बताया कि, खंडवा वन मंडल के सरमेश्वर रेंज में अतिक्रमण पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से वन अमला पहुंचा था, और जब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी उस दौरान अचानक अतिक्रमणकारियों ने वन अमले पर हमला कर दिया, जिसमें पांच कर्मचारियों को चोट आई है । जिनमें से संजय सिंह तोमर गंभीर घायल हैं जो पत्थर लगने से मौके पर ही बेहोश हो गए थे । उन्हें बेहोशी की हालत में ही अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बाद अब उन्हें होश आया है । वहीं उन्होंने बताया कि अतिक्रमण कारियों को लेकर जिला टास्कफोर्स की बैठक होने के साथ ही बेदखली के नोटिस दिए जा चुके हैं, और उस पर मिल रहे जवाबों की जांच की जा रही है, और जिनके जवाब नहीं मिले हैं उन पर बेदखली की कार्रवाई की जा रही है, और अब हमला करने वाले अतिक्रमण कारियों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा ।