वन खंड अधिकारी के चार और वन रक्षक के चार पद खाली
स्टाफ पर काम का अतिरिक्त बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहडू)। वन विभाग के कोटखाई रेंज में दो वर्षों से फील्ड स्टाफ की भारी कमी के कारण स्टाफ पर वनों के संरक्षण का बोझ बढ़ गया है। जंगलों में अग्निकांड और अवैध कटान पर नकेल कसना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। इसके करण लोगों को समय पर टीडी के पेड़ तक उपलब्ध नहीं हो रहे हैं।
कोटखाई वन परिक्षेत्र की 16 में से चार बीटों में कोई वन रक्षक नहीं है। चार वन खंड अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं। चारों पद दो सालों से खाली हैं। स्टाफ की कमी के कारण कई वन रक्षक वन खंड अधिकारी के काम देख रहे हैं। कई को फील्ड का अतिरिक्त कार्यभार दिया है। कोटखाई वन क्षेत्र चौपाल, ठियोग और जुब्बल की सीमाओं से सटा है। ऐसे में जंगलों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। स्टाफ की कमी के कारण बीटों में कई महीनों से नियमित गश्त नहीं हो रही।
स्टाफ का कहना है कि यदि कहीं पर वनों का अवैध कटान मिल जाए को उसकी पहली गाज वन रक्षकों पर गिरती है। लगभग सभी वन रक्षकों को अतिरिक्त कार्य भार दिया गया है। हर बीट कई किलोमीटर लंबी दूर होने से हर रोज गश्त करना वन रक्षकों को भी मुश्किल हो रहा है । ऐसे में वन माफिया को रोकना आसान नहीं है। कोटखाई के रेंज ऑफिसर रणजीत सिंह कंवर ने बताया कि कोटखाई में कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। स्टाफ कम होने के कारण फील्ड में परेशानी होती है।