संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुख्यमंत्री की घोषणा के तीन साल बाद भी नगर निगम को अपना भवन नहीं मिल पाया है। पंचायत भवन के पीछे खाली पड़ी जमीन पर कोर्ट केस होने के बाद से अधिकारी हर वार्ड में निगम कार्यालय के भवन के लिए जगह तलाश रहे हैं। हर वार्ड में जमीन होने के बावजूद भी निगम अधिकारी भवन के लिए जगह तलाशने में नाकाम है। नगर निगम कार्यालय तीन स्थानों पर चलने से शहरवासी परेशान होते हैं।
उल्लेखनीय है कि साल 2018 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नगर निगम कार्यालय का भवन बनवाने की घोषणा की थी। मार्च 2018 में 28.28 करोड़ का पहला टेंडर लगाया गया था। इसके बाद पंचायत भवन के पीछे निगम कार्यालय के भवन निर्माण के लिए एक सितंबर 2018 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शिलान्यास किया था। लेकिन जमीन पर विवाद होने के कारण भवन निर्माण का मामला कोर्ट में चला गया। इसके बाद दो बार और भवन बनाने के लिए टेंडर लग चुका है। लेकिन अभी तक न तो किसी एजेंसी न टेंडर उठाया और न हीं निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। अब नगर निगम भवन के लिए निगम अधिकारी जमीन तलाश रहे हैं। निगम के हर वार्ड में सैकड़ों एकड़ जमीन खाली पड़ी होने के बावजूद भी निगम अधिकारियों द्वारा भवन निर्माण के लिए जगह नहीं मिल रही है।
नगर निगम कार्यालय के भवन के लिए गोविदपुरा गांव में चार एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। यहां करीब तीन एकड़ में तालाब है। इसके बाद तालाब प्राधिकरण ने भी तालाब की जगह में कार्यालय बनाने पर आपत्ति जताई। यह तय हुआ कि यदि तालाब के लिए दूसरी जगह दे दी जाए तो विचार किया जा सकता है। बीते माह तालाब प्राधिकरण की टीम ने दौरा भी किया था। लेकिन बात नहीं बनी थी। अब मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
नगर निगम कार्यालय बनाने के लिए बीते माह मेयर मदन चौहान व निगम अधिकारियों ने गधौली एरिया में खाली पड़ी जमीन का निरीक्षण किया था। यहां पर नगर निगम की लगभग साढ़े चार एकड़ जमीन खाली पड़ी हुई है। लेकिन अभी तक बात फाइनल नहीं हो पाई। वहीं, बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले सेक्टर 18 में भी निगम कार्यालय के बाद साइट देखी गई थी। लेकिन अभी तक इसके लिए भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
मेयर मदन चौहान का कहना है कि नगर निगम कार्यालय के भवन के लिए जगह तलाशी जा रही है। कुछ दिनों पहले गधौली में जगह का निरीक्षण किया गया था। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी जगह की तलाश जारी है। जल्द ही जगह फाइनल कर ली जाएगी।
दोनों शहरों के बीच बनाया जाना है कार्यालय
जगाधरी व यमुनानगर के निवासियों को परेशानी न हो इसलिए दोनों शहरों के बीच में संयुक्त कार्यालय बनाया जाना है। निगम द्वारा दोनों शहरों के बीच में ही कार्यालय के लिए जगह का चयन किया जाना है। जमीन ऐसी जगह देखी जा रही है, जो दोनों शहरों के निवासी सुगमता से आ जा सके। इसी के चलते गधौली एरिया व सेक्टर 18 क्षेत्र में लघु सचिवालय के आसपास जगह की तलाश की जा रही है।
तीन स्थानों पर चल रहा निगम कार्यालय
मौजूदा समय में नगर निगम कार्यालय तीन स्थानों पर चल रहा है। यमुनानगर का मुख्य कार्यालय रेलवे रोड पर शहीद भगत सिंह पार्क के पास है। नगर निगम का यह कार्यालय जर्जर हो चुका है और यहां पार्किग की भी बड़ी समस्या है। इसके अलावा दूसरा कार्यालय कन्हैया साहिब चौक पर बनाया गया है। जहां इंजीनियरिंग ब्रांच व प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन करने वाले अधिकारी व कर्मचारी बैठे हुए है। जबकि तीसरा कार्यालय जगाधरी के झंडा चौक पर है। अलग-अलग कार्यों के लिए शहरवासी एक कार्यालय से दूसरे के चक्कर लगा रहे हैं।