संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विश्व हृदय दिवस पर बुधवार को महाराजा अग्रसेन कालेज में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में चंडीगढ़ के पारस अस्पताल से कार्डियलोजिस्ट डॉ. एच.के. बाली व जिला यमुनानगर के कार्डियोलाजिस्ट डॉ. अभिनव ने विशेष वक्ता के तौर पर शिरकत की। वक्ताओें ने हृदय रोग के कारण और बचाव के तरीके बताए। कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे सीएमओ डॉ. विजय दहिया ने कहा कि हृदय रोगों का संचार हमारी खुद की लापरवाही के कारण होता है। इसका एक मुख्य कारण हमारी दैनिक दिनचर्या व खानपान है।
डॉ. दहिया ने सभी को सलाह दी की हमें अपनी दैनिक दिनचर्या में फास्ट फूड, जंक फूड से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें को प्रतिदिन कुछ समय व्यायाम अथवा योग अवश्य करना चाहिए। डॉ. एच.के. बाली ने कहा की हम तकनीक के अधीन होते जा रहे हैं, जिसके कारण वयस्कों के साथ-साथ बच्चों में भी शारीरिक कार्य न करने की आदत का विकास हो रहा है। बच्चे भी मोबाइल व कंप्यूटर के माध्यम से पढ़ते और खेलते हैं, जिस कारण शारीरिक श्रम का अभाव हो रहा है और बच्चों को विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हो रहे है। डॉ. बाली ने दिनचर्या में बदलाव कर बहुत सी बीमारियों से बचा जा सकता है।
डॉ. अभिनव ने कहा कि हृदय रोग से बचाव के लिये हमें तनाव मुक्त रहना चाहिए और व्यायाम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को व्यायाम अपने स्वास्थ्य के अनुसार करना चाहिए, यदि कोई व्यक्ति व्यायाम नहीं कर सकता तो उसे प्रतिदिन सैर अवश्य करनी चाहिए। रात के भोजन के बाद की सैर स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी होती है। तनाव व खानपान में कमी के कारण हृदय रोग के साथ-साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि बीमारियां है जो हृदय रोग को बढ़ाती है। इस दौरान उपसिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी, शैलेंद्र, शिल्पा, रजनी, प्रियंका, उषा, सुनैना, मनजीत व अनुराधा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. दीपिका गुप्ता, डॉ. राजेश परमार, डॉ. विजय परमार, डॉ. विजय विवेक, डॉ. वागीश गुटेन, डॉ. बुलबुल कटारीया, डॉ. सुमीता, डॉ. सचीन, डॉ. नेहा, डॉ. अमरीश आदि उपस्थित रहे।