शहर की नई अनाज मंडी स्थित हैफेड केंद्र में मंगलवार सुबह 10 बजे तक डीएपी खाद न मिलने पर किसान भड़क गए। किसानों ने आरोप लगाया कि तड़के पांच बजे लाइन में खड़े होने के बावजूद अधिकारियों ने खाद देनी शुरू नहीं की। इस पर किसानों ने सरकार व अधिकारियों के खिलाफ रोष जताया। इसके बाद शाम चार बजे मशीन में स्टॉक न चढ़ने पर हैफेड अधिकारियों ने कृषि विभाग की टीम को बुलाकर किसानों को डीएपी वितरित की।
अनाज मंडी स्थित हैफेड के केंद्र में सोमवार रात को 800 कट्टे डीएपी खाद पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलते ही तड़के किसान केंद्र पर पहुंच गए। सुबह करीब 10 बजे तक केंद्र के बाहर किसानों की लंबी लाइन लग गई, लेकिन उन्हें खाद मिलना शुरू नहीं हुई। इस पर किसान भड़क गए। किसानों ने अधिकारियों पर समय अनुसार खाद न देने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वह तड़के पांच बजे से ही लाइन में लगे हैं, लेकिन पांच घंटे बाद भी खाद मिलनी शुरू नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों से भी खाद जल्द देने की मांग की। अधिकारियों ने मशीन में स्टॉक अपलोड न होने की बात कही। इसके बाद शाम चार बजे तक किसान वहां बैठे रहे। बाद में हैफेड अधिकारियों ने कृषि विभाग की टीम को बुलाकर किसानों में डीएपी खाद बंटवाई, जिससे उन्हें राहत मिली।
यह बोले किसान
20 एकड़ भूमि में रबी की फसल की बिजाई के लिए डीएपी लेने आया हूं। सोमवार रात को हैफेड के केंद्र पर डीएपी खाद आने की सूचना मिली थी। सुबह पांच बजे केंद्र पर पहुंच गए थे, लेकिन यहां भी दोपहर तक खाद नहीं मिली। अधिकारी एक किसान को पांच कट्टे ही देने की कह रहे हैं। सरकार को चाहिए कि किसानों की जरूरत अनुसार डीएपी खाद मुहैया कराई जाए।
- नीरज, निवासी छतेहरा
गांव में 19 एकड़ में फसलों की बिजाई के लिए डीएपी खाद लेना है। इसको लेकर खेतों का सारा काम छोड़कर गोहाना आना पड़ रहा है। इसके बावजूद यहां घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। यही नहीं पूरी डीएपी खाद भी नहीं मिल रही है। इससे काफी परेशानी आ रही है। अगर पूरी खाद नहीं मिली तो फसलों की बिजाई प्रभावित होगी। डीएपी खाद किसानों को मुहैया कराने के लिए सरकार को बेहतर कदम उठाने चाहिए।
- किसान जितेंद्र, निवासी बिचपड़ी
वर्जन
केंद्र पर कंपनी की तरफ से डीएपी खाद का रैक आता है। इसके बाद कंपनी उसका स्टॉक सोनीपत भेजती है। सोनीपत कार्यालय से गोहाना की मशीन पर ऑनलाइन स्टॉक चढ़ाया जाता है। मंगलवार को किन्हीं कारणों से मशीन पर स्टॉक नहीं चढ़ पाया। इसके बाद शाम चार बजे कृषि विभाग की टीम को बुलाकर किसानों में खाद बंटवाया गया। इस प्रक्रिया के चलते ही डीएपी खाद देने में समय लगा।
- प्रवीण भारद्वाज, परचेज अधिकारी, हैफेड
डीएपी खाद लेने के लिए केंद्र के बाहर लाइन में खड़े किसान। संवाद- फोटो : Sonipat