कुंडली बॉर्डर पर रोष प्रदर्शन करते किसान। संवाद
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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने दावा किया कि लखीमपुर खीरी नरसंहार मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग के लिए देशभर में हजारों स्थानों पर किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि 26 नवंबर 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने आज 11 महीने पूरे किए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शन पाल सिंह ने मंगलवार को कहा कि लखीमपुर खीरी प्रकरण में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग के लिए हजारों स्थानों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। देशभर में तहसील व जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया और अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे। उत्तर प्रदेश में किसानों ने थानों पर भी धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि धरना-प्रदर्शनों में किसानों के अलावा ट्रेड यूनियनों के सदस्यों व आम लोगों की भी भागेदारी रही।
किसान आंदोलन के 11 महीने पूरे : डॉ. दर्शनपाल
डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि आज 11 महीने पूरे करने वाले किसान आंदोलन के माध्यम से दुनिया के इस तरह के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन में किसान मांग कर रहे हैं कि उनकी आजीविका को अनियमित बाजारों के कॉर्पोरेट लूट से बचाया जाए। किसान अलोकतांत्रिक और असांविधानिक रूप से उन पर थोपे गए तीन किसान विरोधी कानूनों को निरस्त करने और सभी किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने वाले कानून की मांग कर रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार न केवल किसानों के जीवन-मृत्यु और उनकी आने वाली पीढ़ियों से संबंधित जायज मांगों को ठुकरा रही है, बल्कि विरोध कर रहे किसानों पर हमला और उनकी अनदेखी भी कर रही है। दूसरी तरफ हर अलोकतांत्रिक और हताश हमले के साथ आंदोलन केवल मजबूत होकर और व्यापक होता जा रहा है। एसकेएम ने कहा कि मांग पूरी होने पर ही किसान अपने घर लौटेंगे।
आशीष मिश्र को विशेष सुविधा देने पर नाराजगी जताई
एसकेएम ने कहा कि रिपोर्टों से पता चलता है कि हत्यारोपी आशीष मिश्र टेनी को विशेष ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, जबकि किसी भी अन्य हत्यारोपी के साथ ऐसा नहीं किया जाता। उसे शुरू में संदिग्ध डेंगू होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। केवल बाद के नमूने में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई। साथ ही उनके साथ रहने के लिए एक सहायक भी उपलब्ध कराया गया है। एसकेएम चाहता है कि देश के सभी कैदियों को एक जैसी व्यवस्था मिले।