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Haryana: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हुईं सोनीपत की अंजू दहिया, स्कूल में मनाया जश्न

Tue, 06 Sep 2022 02:29 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

तबादला नीति में अध्यापिका अंजू दहिया का गांव खांडा में स्थानांतरण हुआ है। अंजू दहिया ने कहा कि भले स्कूल से तबादला हो गया हो, विद्यार्थियों को जब भी जरूरत होगी, मैं मौजूद रहूंगी। 
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार लेतीं अध्यापिका अंजू दहिया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बड़वासनी (सोनीपत) की रसायन विज्ञान की अध्यापिका अंजू दहिया के शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अतुलनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिक्षक दिवस के मौके पर सोमवार को दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सर्वोच्च पुरस्कार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। अध्यापिका अंजू दहिया के राष्ट्रीय शिक्षण पुरस्कार प्राप्त करने पर उनके बड़वासनी स्थित स्कूल में जश्न जैसा माहौल रहा।

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सोनीपत के सेक्टर-23 निवासी शिक्षिका अंजू दहिया ने वर्ष 2013 में शिक्षा विभाग ने पीजीटी रसायन विज्ञान के पद पर ज्वाइन किया था। वर्ष 2014 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बड़वासनी में तबादला हुआ। इसके बाद से अंजू दहिया इसी स्कूल में कार्यरत हैं। अंजू दहिया का कहना है कि वह बचपन से पढ़ाई के साथ अभिनव प्रयोग (इनोवेटिव आइडिया) पर कार्य करती रहती थीं।
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शिक्षा के क्षेत्र में आई तो विद्यार्थियों की समस्या को समझा। समस्या का समाधान करने के लिए बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और समझा कि कैसे विषय को सरल बनाया जा सकता है। उन्होंने कठिन विषय को कविता व खेल गतिविधियों में बांटा। गतिविधियों के साथ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी करवाई। जिसमें बच्चे बढ़ चढ़कर भाग लेते थे।

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कविता व खेल गतिविधियों में बच्चे जो सीखते थे, उसे लंबे समय तक याद रखते थे। इस तरीके से कराई गई पढ़ाई से विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान जैसा विषय भी आसान लगने लगा। जो विद्यार्थी विज्ञान विषय से भागते थे, वहीं अब इस विषय का चयन करने लगे।

अंजू दहिया के स्कूल में आने के बाद विद्यार्थी संख्या ही नहीं बढ़ी। बल्कि दूसरे गांवों के विद्यार्थी भी इस स्कूल में दाखिला लेने पहुंचे और विज्ञान विषय का चयन किया। खेल-खेल में विषय को आसान बनाने की उनकी कला व शिक्षण क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के चलते ही उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
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गांव खांडा में हुआ तबादला
नई तबादला नीति के तहत अध्यापिका अंजू दहिया का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बड़वासनी से गांव खांडा के राजकीय स्कूल में तबादला कर दिया गया। अंजू दहिया को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने की खुशी में सोमवार को बड़वासनी के स्कूल में जश्न का माहौल रहा। अध्यापकों ने मिठाई बांटी। स्कूल से तबादला होने पर अंजू दहिया ने विद्यार्थियों को कहा है कि अगर किसी विद्यार्थी को विषय समझने में किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वे किसी भी समय संपर्क कर सकते हैं। भले उनका स्कूल से तबादला हो गया हो, लेकिन वह बच्चों से दूर नहीं हैं। 

अंजू दहिया की उपलब्धियां

  •  पर्वतारोही का प्रशिक्षण लिया, विद्यार्थियों को शैक्षिक भ्रमण पर लेकर जाने से पहले प्रशिक्षण देती हैं। 
  •  विशेष बच्चों के साथ शैक्षिक भ्रमण पर जाती और उन्हें वहां के बारे में बताती हैं। 
  •  एलटीसी राशि स्कूल में सुविधाएं बढ़ाने पर ही खर्च की। ग्रामीणों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया। 
  •  बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल में प्रदर्शनी व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई। 
  •  बच्चों के साथ बातचीत करके उनकी समस्याएं जानी और उनका समाधान करने के लिए कार्य किया। 
  •  खेल-खेल में पढ़ाने की नीति से कठिन विषय को भी आसान बना दिया। स्कूल में विद्यार्थी संख्या बढ़ाई।

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