हरियाणा के रोहतक में पीजीआई से तीन साल पहले नवजात बच्ची का अपहरण करने की आरोपी महिला सोनीपत निवासी महक उर्फ ममता को मंगलवार को एएसजे मनपाल रमावत की अदालत ने दोषी करार दिया है। 17 मार्च को उसे सजा सुनाई जाएगी।
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21 फरवरी को वह और उसकी भाभी बच्ची के साथ लेबर रूम के कमरा नंबर एक में टेस्ट करवाने जा रहे थे। करीब साढ़े 12 बजे वार्ड नंबर 2 में ऊपर चढ़ते समय उसकी भाभी की तबीयत बिगड़ गई। वह अपनी भाभी को संभालने लगी। तभी पास खड़ी एक औरत ने कहा कि बच्ची को उसे सौंप दे। उसने अनजान महिला पर भरोसा करके बच्ची दे दी। तभी 35 वर्षीय महिला उसकी एक दिन की भतीजी का अपहरण करके ले गई।
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सीसीटीवी फुटेज से पकड़ में आई महिला
पीजीआई से एक दिन की बच्ची के अपहरण से पुलिस प्रशासन सकते में आ गया। पीजीआई में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। सीसीटीवी कैमरे में साफ दिखाई दे रहा था कि एक महिला बच्ची को लेकर तेज गति से जा रही है। तुरंत फोटो पुलिस ने वायरल किया।
इसी बीच सोनीपत स्थित सिक्का कॉलोनी पुलिस चौकी प्रभारी अनिल कुमार अपने एरिया में सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रहे थे। तभी दिल्ली कैंप में एक महिला दिखाई दी, जिसने पुलिस को देखकर चेहरा छुपा लिया। पुलिस ने वायरल फोटो से महिला के चेहरे का मिलान किया तो शक बढ़ गया।
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