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करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज से गरमाई प्रदेश की सियासत, विपक्ष ने बोला हमला

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चंडीगढ़। करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज से प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ ने पूरे मुद्दे पर सीएम मनोहर लाल से बात की है। कांग्रेस और इनेलो इसे मुद्दा बनाने में जुट गए हैं।
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एडीजीपी कानून एवं व्यवस्था नवदीप विर्क ने पूरे घटनाक्रम का ठीकरा किसानों पर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि किसानों के हमले में दस पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। किसानों के हमले में जान बचाने के लिए पुलिस को आत्मरक्षा में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कांग्रेस और इनेलो नेता इससे कत्तई इत्तफाक नहीं रखते, उन्होंने किसानों पर लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने भी शनिवार के घटनाक्रम के बाद अगली रणनीति बनानी शुरू कर दी है। भाकियू चढूनी ने कहा कि सरकार किसानों को उकसाने का काम कर रही है। शनिवार को करनाल में लोकतंत्र की सरेआम हत्या हुई। भाकियू टिकैत के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि सरकार के इशारे पर लाठीचार्ज किया गया। लठतंत्र से किसानों की आवाज को नहीं दबाया जा सकता।
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किसानों ने पत्थरों-कस्सी से किया पुलिस पर हमला
एडीजीपी कानून एवं व्यवस्था नवदीप सिंह विर्क ने कहा है कि किसानों ने पुलिस पर पत्थरों और कस्सी से हमला किया, जिसमें दस पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। नियमानुसार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आत्मरक्षा में हल्का बल प्रयोग किया। शनिवार सुबह ही किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जबरदस्ती जाम कर दिया। करनाल शहर की तरफ भी जाने की कोशिश की। जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो पुलिस पर हमला बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त किसान मोर्चा के साथ हुई संधि का भी उल्लंघन किया है। टोहाना में मोर्चा ने कहा था कि कोई भी प्रदर्शन उग्र या हिंसात्मक नहीं होगा।
किसानों पर लाठियां बरसाना अलोकतांत्रिक : हुडा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि किसानों पर लाठियां बरसाना अलोकतांत्रिक व अमानवीय है। पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। सरकार लोकतंत्र को लठतंत्र बनाने की कोशिश ना करे। लोकतंत्र में लाठी-डंडों के दम पर नहीं, सरकारें लोगों का दिल जीतकर चलाई जाती हैं। सरकार को जनता के साथ टकराव नहीं, संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। आंदोलन खत्म कराने के लिए प्रदेश सरकार को केंद्र से बात करनी चाहिए।
लाठीचार्ज के बजाय किसानों से वार्ता करे सरकार : बंसल
हरियाणा कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल ने कहा कि किसानों पर लाठियां बरसाने के बजाय सरकार वार्ता कर मामले को सुलझाए। 9 महीनों से किसान शांतिप्रिय तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। 600 के करीब किसानों की मौत हो चुकी है। उनके जख्मों पर नमक छिड़कने के बजाए सरकार मरहम लगाने का काम करे।
किसानों से यह व्यवहार बर्दाश्त नहीं : सैलजा
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि अन्नदाताओं के साथ यह व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है। कांग्रेस के समय में कभी अन्नदाता के साथ ऐसा छल नहीं हुआ। खुद ड्यूटी मजिस्ट्रेट का किसानों के सिर फोड़ने की बात कहना लोकतंत्र की हत्या है। शांतिपूर्ण तरीके से अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे किसानों की आवाज को पुलिस का सहारा लेकर दबाया जा रहा है।
गठबंधन सरकार किसानों की असली दुश्मन : रणदीप
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि शांतिप्रिय तरीके से विरोध कर रहे किसानों को जानवरों की तरह पिटता देख दिल दहल गया। गठबंधन सरकार अन्नदाता असली दुश्मन है। करनाल में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सार्वजनिक वीडियो से साफ है कि सरकार के आदेश पर सब हुआ है। कांग्रेस किसानों के साथ हर मोर्चे पर खड़ी है। उनके साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
पुलिस ने सारी हदें पार कर दी : अभय
इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं न कि देश के दुश्मन। लाठीचार्ज की जितनी भतर्सना की जाए उतनी कम है। धारा-144 की आड़ में पुलिस ने सारी हदें पार कर दी। सरकार को किसानों से माफी मांगनी चाहिए। सभी राजनीतिक दलों से आह्वान है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर किसानों का समर्थन करें।
लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करें किसान : धनखड़
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ ने कहा कि करनाल में किसानों पर किन परिस्थितियों में लाठीचार्ज हुआ, उसकी जांच के लिए सीएम मनोहर लाल से बात की है। किसानों को लोकतांत्रिक तरीके से अपना प्रदर्शन करना चाहिए। वे सड़कें या टोल जाम न करें। सरकार किसान हित में अनेक कार्य कर रही है।
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