गुरुग्राम के बिजनेसमैन से पांच करोड़ रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलर रामलाल चौधरी से बरामद करीब 150 करोड़ की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन शुरू हो गया है। साथ ही पुलिस ने राममाल की संपत्तियों की जांच करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखा है।
एसआईटी ने रविवार को मुल्लांपुर स्थित आईआरबी के पीछे स्थित प्लॉट, जीरकपुर के आइवरी विलास में 38 फ्लैट, खरड़ के सन्नी एनक्लेव, पिंजौर, सेक्टर-46, रामदरबार व अन्य स्थानों पर जाकर रामलाल की संपत्तियों की जांच की। पुलिस सभी संपत्तियों का सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। वहीं, परिवार समेत रामलाल के 35 बैंक खातों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
एसआईटी के अनुसार, रामलाल के बैंक लॉकर्स में भी करोड़ों रुपये का माल होने की जानकारी मिली है। पुलिस सोमवार को संबंधित बैंकों को पत्र लिखकर लॉकर्स सील करने को कहेगी। सूत्रों के अनुसार, रामलाल के अलावा चंडीगढ़ और दिल्ली के लोग भी इस पूरे रैकेट में शामिल हैं, जिनका ब्यौरा हासिल किया जा रहा है। मामले में एसआईटी जल्द खुलासा करेगी। वहीं, पुलिस रामलाल से बरामद 520 बैंक चेक के बारे में बैंकों को पत्र लिखकर रिकॉर्ड मांगेगी ताकि पता लग सके कि ये चेक किसके हैं। इनमें करीब 50 भरे हुए चेक भी हैं। इन चेकों पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की रकम भरी है। इनकी भी जांच चल रही है।
आज दाखिल होगी बेटे-बेटी की अग्रिम जमानत याचिका
रामलाल के बेटे अमित चौधरी और बेटी अंजू को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी लगातार दबिश दे रही है। अमित और अंजू ने गिरफ्तारी से बचने के लिए शुक्रवार को अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दी थी। बीच में छुट्टी होने के कारण याचिका लग नहीं सकी। अब याचिका सोमवार को अदालत में लगाई जाएगी।
ब्याज पर रुपये देकर बनाता था दबाव, हड़प लेता था कोठी
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रामलाल लोगों को ब्याज पर रुपये देता था। इसकी एवज में वह उनकी संपत्ति गिरवी रखवा लेता था। जब व्यक्ति ब्याज नहीं चुका पाता था तो रामलाल दबाव बनाता था। बाद में ब्लैकमेल कर उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लेता था।
रामलाल चौधरी के पास लगभग 150 करोड़ की संपत्ति का अनुमान लगाया गया है। इस संपत्ति की जांच के लिए ईडी को पत्र लिखा है। तब तक पुलिस संपत्तियों का सत्यापन कर रही है। - कुलदीप चहल, एसएसपी