संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। किसान इंतजार करते रहे न राइस मिलर्स पहुंचे न बारदाना था। गुस्साए किसानों ने मंडी गेट बंद कर धरना दे दिया। फिर भी खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानों ने नेशनल हाईवे 709ए पर धान से भरी ट्रालियां खड़ी कर जाम लगा दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि जब तक खरीद एजेंसी पूर्ण व्यवस्था के साथ खरीद नहीं करेंगी, धरना जारी रहेगा। पांच घंटे बाद देर शाम किसानों ने जाम तो खोल दिया लेकिन मंडी के सामने गेट बंद कर पड़ाव डाल दिया। एलान किया कि रातभर यहीं धरना देने के बाद सुबह फिर रोडजाम किया जाएगा।
सुबह बड़ी संख्या में किसान धान लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन मंडी में कई तरह की अव्यवस्थाएं दिखीं। खरीद नहीं हो सकी तो किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। बाद में करीब दो बजे किसान मंडी गेट के सामने ही हाईवे पर आ गए और जाम लगा दिया। एसडीएम मनदीप कुमार, नायब तहसीलदार रमेश कुमार, मंडी सचिव ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे और किसानों को मनाने का प्रयास किया लेकिन किसान बारदाना आने और मिलर्स के मंडी में आने की मांग पर डटे रहे।
बाद में मंडी के कुछ आढ़तियों ने भी किसानों का समर्थन दिया। मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सतीश बल्हारा ने जल्द खरीद करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार किसानों को परेशान कर रही है। जब किसान नहीं माने तो देर शाम को हैफेड के डीएम अनिल अहलावत धरने पर पहुंचे लेकिन किसानों ने उनकी बात भी नहीं मानी। शाम सात बजे हाईवे तो खोल दिया लेकिन मंडी कार्यालय पर देर रात तक किसान धरने पर बैठे रहे। रात को धरना पर ही गुरुद्वारा से लंगर पहुंच गया।
किसान नेता सुखविंदर झब्बर, छत्रपाल सिंधड़ ने कहा कि हर बार किसान की धान को औने पौने दामों में खरीदा जाता है, लेकिन इस बार तभी खरीद चालू होने दी जाएगी जब तक किसान की 20 प्रतिशत नमी तक की धान नहीं खरीदी जाएगी। मंडी में करीब 60 हजार पीआर धान की आवक हो चुकी है।