हर गांव में युवाओं की टीम बनानी होगी। यह टीमें ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक बनाई जाएं, ताकि कोई भी संयुक्त किसान मोर्चा का निर्देश मिले, उसे सभी एक साथ लागू करें। यह आंदोलन केवल एक जाति का नहीं, एक धर्म का नहीं बल्कि सभी जातियों व धर्मों का है। इस आंदोलन में सभी जातियों, धर्मों, व्यापारियों, मजदूरों, कर्मचारियों को साथ लेकर चलना है। यदि तीनों कृषि कानून लागू हो गए तो इसका असर केवल पूंजीपतियों को छोड़कर बाकी सभी लोगों पर पड़ेगा।
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इन कानूनों का लाभ केवल पूंजीपतियों को ही मिलेगा। महापंचायत में कहा गया कि जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं हो जाते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। प्रतिदिन इसे मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर सतबीर पहलवान, कैप्टन भूपेंद्र जागलान, मनोज बड़ौदा, रवि पूनिया, जयपाल भागल, अनीष खटकड़, अमरजीत मोहड़ी, विक्रम कसाना, मोहित नैन, जयपाल भागल, नरेश बेलरखा व बंटू धमतान भी मौजूद रहे।
तिरंगा लेकर काफिले के साथ पहुंचे युवा
युवा किसान महापंचायत में दूसरे जिलों से भी युवा पहुंचे। यह युवा हाथों में तिरंगा लिए काफिले के साथ पहुंचे। युवा बाइक रैली, गाड़ी रैली निकालते हुए भारत माता की जयजयकार करते हुए महापंचायत में पहुंचे। महापंचायत में कई छात्र संगठनों के युवाओं नेताओं ने भाग लिया और हर प्रकार से इस आंदोलन में आहुति देने की बात कही।