स्वाइप मशीन और एटीएम का क्लोन बनाकर लोगों के बैंक खातों से पैसे निकालने वाले अंतरराज्यीय चोर गिरोह के चार सदस्यों को सफीदों सीआईए टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पूछताछ के दौरान आरोपियों से 60 हजार रुपये, स्वाइप और क्लोन मशीन बरामद की है। पुलिस को इनके दो अन्य साथियों की अभी तलाश है। सोमवार को चारों को अदालत में पेश किया गया, जहां से इन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इनमें भिवानी जिले के गांव कुंगड़ निवासी सोनू, हांसी निवासी अमृत, पेटवाड़ निवासी जॉनी तथा नई दिल्ली के शादीपुरा निवासी अजय उर्फ टीनू शामिल हैं।
डीएसपी साधुराम ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक अगस्त को गांव बागड़ू कलां निवासी कृष्ण एटीएम से पैसे निकाल रहा था। वहां पर खड़े अजय पर कृष्ण को शक हुआ। अजय उसके एटीएम का पिन नंबर देख रहा था। कृष्ण ने उसे पकड़ लिया, लेकिन वह छुड़ाकर फरार हो गया। भागते समय उसका पर्स गिर गया। कृष्ण ने अजय का पर्स पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद शहर थाना पुलिस व सीआईए टीम इंचार्ज दीपक ने जांच शुरू की और आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।
शहर थाना प्रभारी देवीलाल ने बताया कि जोनी चोरी के एक मामले में हिसार जेल में बंद था। उसे पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था। अमृत को हांसी से ही गिरफ्तार किया गया था। अजय और सोनू को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। सभी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को लगभग 10 शहरों की खाक छाननी पड़ी। दो आरोपियों की अभी भी तलाश की जा रही है।
कई राज्यों में दे चुके हैं वारदात को अंजाम
डीएसपी साधुराम ने बताया कि आरोपियों ने सफीदों में आठ वारदात सहित हरियाणा में 17, उत्तर प्रदेश में सात, महाराष्ट्र में दो, उत्तराखंड में छह, गुजरात में तीन, राजस्थान में 11, दिल्ली में पांच, पश्चिमी बंगाल में एक और मध्यप्रदेश में तीन वारदातों को अंजाम दिया है। पूरे देश में 55 वारदातों को आरोपियों ने कबूल किया है। इसके अलावा उन्होंने कई ऐसी वारदातों को भी अंजाम दिया है जिन तक अभी पुलिस नहीं पहुंच पाई है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
जब भी कोई व्यक्ति एटीएम में पैसे निकालने के लिए जाता था तो आरोपियों में से एक युवक उसके पास खड़ा होकर पिन नंबर देख लेता था और वह केबिन से बाहर निकल जाता था। इसके बाद दूसरा युवक मशीन के पास आकर जल्दी से कार्ड निकालने की बात कहता था। व्यक्ति जल्दी में अपना कार्ड मशीन में छोड़ देता था और पैसे गिनने लगता था। केबिन में घुसा दूसरा युवक मशीन से एटीएम कार्ड निकालकर अपने हाथ में ली गई मशीन के अंदर से स्वाइप करते हुए उस व्यक्ति का लौटा देते थे। कई बार तो एटीएम कार्ड भी बदल लेते थे। जिन एटीएम में कार्ड अंदर चला जाता है और बाहर नहीं आता, वहां यह क्लोन तैयार करते थे। अधिकतर सीधे-साधे व्यक्ति को ही यह लोग अपना निशाना बनाते थे।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों के एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर बैंक खातों से पैसे निकालने व?- फोटो : Jind