जिला विकास, समन्वय एवं निगरानी कमेटी की बैठक सोमवार को चौधरी रणबीर सिंह विवि में हुई। इस दौरान विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने नगर परिषद के कर्ताधर्ताओं पर विकास कार्यों में भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाते हुए शायराना अंदाज में कहा कि ‘लुट गई तू सरबसर, आता नजर कुछ नहीं, हो गया बर्बाद घर खबर तुझको कुछ नहीं।’
विधायक ने कहा कि उन्हें आशंका है कि करीब पांच करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इसके लिए उन्होंने कुछ दस्तावेज भी मीटिंग में पेश किए। वहीं सांसद रमेश कौशिक ने अधिकारियों से कहा कि अभी भी कुछ कर लो, नहीं तो सारे मरोगे। बैठक में फैसला लिया गया कि सभी मामलों की जांच करवाई जाए और जो-जो इसमें दोषी पाया जाय उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया जाए।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा जींद के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने भी पैसे दिलवाए हैं। सांसद निधि के अलावा अमरूत योजना के तहत भी केंद्र सरकार से पैसे आए हुए हैं, पर यहां मामला गड़बड़ हो रहा है। विधायक ने नगर परिषद के अधिकारियों से सभी कामों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की बात कहते हुए कहा कि यह सारी चीजें शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज के समक्ष रखी जाएगी। वहीं नगर परिषद द्वारा बनाई गलियों की गुणवत्ता व व्यवहारिकता पर भी विधायक ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ भ्रष्टाचार के लिए पहले से ही बनी हुई गलियों को तोड़कर दोबारा बनाया गया है।
किसके कहने पर किसे लाभ पहुंचाने के लिए बनवाई गांव की गलियां
विधायक ने सवाल उठाया कि प्रावधान है कि 18 फुट से अधिक चौड़ी कोई भी गली पेवर ब्लॉक से नहीं बनाई जा सकती है। लेकिन इस तरह की कई गलियों को पेवर ब्लॉक से बनाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर परिषद ने अपने क्षेत्र से बाहर जाकर व्यक्तिगत लाभ के लिए ग्रामीण क्षेत्र की गली भी पक्की कर दी। इसकी भी जांच होनी चाहिए कि किसके कहने पर और किसको लाभ पहुंचाने के लिए यह सब किया गया है।
सारा सौदा लूट लिया जींद में
विधायक ने गलियों में इस्तेमाल की गई पेवर ब्लॉक सहित अन्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होेंने कहा कि रेलवे के अलावा अन्य छोटे-छोटे पार्कों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए है। इस तरह से जींद में सारा सौदा लूट लिया गया है। उन्होंने कहा कि यहां कुछ लोग सरकार को लूटने में लगे हुए हैं।
पार्षद और उसके भाई का बनवा दिया प्रधानमंत्री आवास योजना में घर
विधायक दस्तावेज सौंपते हुए कहा कि यहां तो पार्षदों के भी मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनवा दिए गए हैं। इस पर डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों से कहा कि यह मामला उनके पास भेजा जाए। इस पर वे सरकार को शिकायत भेजेंगे और पार्षद के निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।
पांच दिन पहले बनाई सड़क हुई खराब
विधायक ने कहा कि गोहाना रोड से बालभवन वाली सड़क पांच दिन पहले ही बनाई गई है। यहां न कोई लेवल है और न ही ढंग से काम हुआ है। यह चौड़ा रोड है। यहां बीच में डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन यहां पुरानी टाइल्स लगा दी गई है।
सफाई के ठेके पर भी उठे सवाल
स्वच्छ भारत मिशन के एजेंडा की समीक्षा के दौरान विधायक ने शहर की सफाई पर भी सवाल उठाए। इस दौरान सांसद ने पूछा कि कितने का ठेका है तो बताया गया कि 48 लाख रुपये प्रति माह का है। इस पर उन्होंने कहा कि पहले सोनीपत का भी ढाई करोड़ रुपये का था, जो अब घट कर 80-90 लाख रुपये का हो गया है।
सांसद बोले- कितने रुपये की खरीदते हो टाइल्स, सही रेट फिर बताऊंगा
इस दौरान सांसद रमेश कौशिक ने नगर परिषद के एक्सईएन राहुल पूनिया से पूछता कि कितने रुपये की टायर खरीदते हो। जवाब मिला कि 13-14 रुपये की। इस पर सांसद ने कहा कि मैं बाद में इसका सही रेट बताऊंगा।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लगाई फटकार
पेयजल योजना के एजेंडे की समीक्षा के दौरान सांसद ने जींद में नहरी पेयजल पानी परियोजना की जानकारी मांगी तो बताया गया कि अभी साइट तय नहीं हुई है। इस पर उन्होंने कहा कि यह तो वह पिछले छह महीने से सुन रहे हैं। इसके बाद उन्होंने क्लस्टर परियोजना की जानकारी ली। बताया गया कि बिजली कनेक्शन के कारण यहां काम रुका हुआ है। उन्होंने अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि कनेक्शन कोई दूसरे देश की सरकार से लेना है। यह एक दिन का काम है। हालांकि इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए।
विधायक ने दिखाएं बाईपास के फोटो, कहा यह है 700 करोड़ रुपये की सड़क
मीटिंग में विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने जींद के नए बाईपास का फोटो एनएचएआई के परियोजना निदेशक वीके शर्मा को दिखाते हुए कहा कि बाईपास अब से पहले ही टूट गया है। यह पहला सावन है। लोग पूछते हैं कि यह है 700 करोड़ रुपये की सड़क। इस पर आदेश दिए गए कि वे सड़क बनाने वाली एजेंसी को साथ लेकर निरीक्षण करें और इसे ठीक करवाएं। विधायक ने कहा कि अधिकारी सिर्फ लीपापोती करते हैं और फेस उन्हें करना पड़ता है।
जुलाना के विधायक बोले जींद आने का नहीं रास्ता
दरअसल जिला विकास, समन्वय एवं निगरानी कमेटी की मीटिंग सुबह साढ़े दस बजे शुरू हो गई। इसके करीब आधे घंटे के बाद जुलाना के विधायक अमरजीत ढांडा मीटिंग में पहुंचे। इस पर सांसद ने उन्हें देरी से आने पर टोका तो विधायक ने कहा कि जींद आने के लिए रास्ता ही नहीं है। ऐसे में सांसद ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक वीके शर्मा से कहा कि पिंडारा आरओबी पर सर्विस लेन जल्द बनाया जाए।
विधायक मिड्ढा की तरफ से कुछ शिकायत की गई हैं। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि यह काम उनके समय के नहीं हैं। ऐसे में इसकी जांच करवाई जाएगी। जिन अधिकारियों के समय में कामों में गड़बड़ी हुई है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
मीटिंग में पहुंचे सांसद रमेश कौशिक, विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा और अमजीत ढांडा।- फोटो : Jind