शहर व बाहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। शहर के विभिन्न प्रमुख सड़कों और गलियों में आवारा पशुओं की टोलियां घूमती रहती है। जिसके चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है। स्थिति यह बन गई है कि आवारा पशुओं का जहां शहर में आतंक है, वहीं बाहरी क्षेत्रों में दुघर्टनाओं का कारण बन रहे है। बाहरी क्षेत्रों में दो युवकों की मौत का कारण ये आवारा पशु बन चुके है। वहीं शहर में दर्जन भर लोग घायल हो चुके हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
दिन हो या राध आवारा पशु गलियों और सड़कों घूूमते देखे जा सकते हैं। जिस कारण कई बार तो इनका शिकार हो जाते हैं और अस्पताल तक जाने की नौबत आ जाती है। पिछले करीब दो माह के भीतर ही इन आवारा पशुओं के चलते जहां दो लोगों की जान जा चुकी है, वहीं दर्जन भर लोग घायल हो चुके है। हालांकि प्रशासन ने कई बार आवारा पशुओं को गोशालओं में पहुंचाने का काम किया है। जिसके बाद स्थिति कुछ नियंत्रण में थी लेकिन प्रशासन की ढिलाई के बाद माहौल पहले की तरह हो गया।
हादसा नंबर 1
झज्जर-दादरी मार्ग पर गांव जहाजगढ़ के निकट सड़क दुघर्टना में एक युवक की मौत हो गई थी। कारण आवारा पशु थे। रात में अंधेरे के चलते बाइक हो या कार सवार युवक को मार्ग के बीचों-बीच बैठा एक सांड दिखाई नहीं दिया, जिसका खामियाजा उन्हें जान गवाकर भुगतना पड़ा।
हादसा नंबर 2
28 जुलाई को वीरवार देर रात गांव लडायन के पास हुए एक सड़क हादसे में एक रोडवेज परिचालक की मौत हो गई थी। 24 वर्षीय महेश पुत्र कमल सिंह निवासी अकहेड़ी मदनपुर रोडवेज में परिचालक था और वह वीरवार की सांय बस को कोसली डिपो में खड़ी कर रोजाना की तरह अपनी बाइक से गांव अकेहड़ी मदनपुर आ रहा था। गांव लडायन के पास पहुंचा तो सामने से आ रहे वाहन की लाइट पड़ने से रोड पर खड़ा सांड दिखाई नहीं दिया। सांड से बाइक की टक्कर के बाद महेश रोड पर जा गिरा। जिसके चलते उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
हादसा नंबर 3
शहर के बेरी गेट क्षेत्र में एक गली में दो सांड लड़ते हुए मुख्य गली मे घुस गए। जिसके चलते जहां दर्जनभर लोगों को चोटें आई, वहीं हजारों रुपये का नुकसान भी हुआ। इन आवारा सांडों ने कई लोगों के दरवाजों को भी क्षतिग्रस्त किया। बाद में कई घंटों की मशक्कत के बाद गोशाला कर्मियों ने इन सांडों पर काबू पाया था।
हादसा नंबर 4
शहर की किला कालोनी क्षेत्र में भी गत दिनों आवारा सांडों ने खूब आतंक मचाया। स्थानीय निवासी ललित ने बताया कि इन सांडों ने न केवल लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि कई महिलाओं और बच्चों को भी चोटें पहुंचाई। कई बार प्रशासन के अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद भी किसी भी अधिकारी ने कोई सुध नहीं ली।
क्या कहते है स्थानीय लोग
बिल्लू धींगड़ा ने बताया कि आवारा पशुओं ने परेशान किया हुआ है। रात के समय में शहर के सभी मार्गो पर बीच में बैठ जाते है, जिसके चलते कई दफा हादसे भी हो चुके है। लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। अब तो महिलाएं और बच्चे घर से निकलने में भी डरने लगे है।
पालिका के पूर्व प्रधान ईश्वर शर्मा का कहना है कि दिन हो या रात ये पशु बीच रास्ते बैठे रहते है। सीताराम गेट स्थित मंगली राम पार्क के निकट स्थिति ज्यादा खराब है। पार्क में जाने वाले लोगों के लिए रास्ता ही नहीं बचता। जिसके चलते कई बार लोग चोटिल हो चुके है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
पालिका कर्मियों द्वारा आवारा पशुओं को उठा कर गौशाला में भेजने का कार्य किया जा रहा है। फिर भी कोई शिकायत है, उन पर ध्यान दिया जाएगा। आमजन को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
प्रवीण गर्ग, वाईस चेयरमैन, नगर पालिका झज्जर।