हिसार नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले आम आदमी पर सरकार ने 7 गुणा अधिक बोझ डाल दिया है। सरकार ने निगम एरिया में डेवलेपमेंट चार्ज (विकास शुल्क) बढ़ा दिया है। अब इसी माह से रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर विकास शुल्क करीब 7 गुणा अधिक लेंगे। साथ ही कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर यह शुल्क दोगुना कर दिया गया है। हाल ही में हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, पालिकाओं व परिषदों में लेटर जारी कर उनके हिसाब से रेट लिस्ट जारी की है। दो नगर निगमों फरीदाबाद व गुड़गांव में अलग रेट तय किए गए हैं। बाकी नगर निगमों में एक जैसे रेट तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। इसके अलावा परिषद व पालिकाओं में भी अलग अलग रेट निर्धारित किए गए हैं। नियम यह भी है कि ये रेट हर पांच साल बाद 10 प्रतिशत बढ़ जाएंगे।
कॉमर्शियल को दो गुणा अधिक देना होगा शुल्क
अर्बन लोकल बॉडीज ने निगमों को जो लेटर जारी किया है उसमें लिखा गया है कि रिहायशी डेवलेपमेंट चार्ज 1 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की फीस ली जाएगी। यह फीस पहले प्रति वर्ग गज के हिसाब से 120 रुपये थी। वहीं कॉमर्शियल में जहां पहले 1 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के चार्ज लगते थे अब ये बढ़ाकर दोगुना यानी 2 हजार रुपये कर दिए गए हैं।
यूं समझिए इस बोझ को
मान लीजिए आप का 100 गज का रिहायशी प्लॉट है और आप उस पर मकान बनाना चाहते हैं तो पहले 120 रुपये प्रति वर्ग गज के रिहायशी शुल्क के हिसाब से आपको 12 हजार रुपये जमा करवाने थे। अब यह शुल्क सात गुना बढ़ गया है। यानी 100 गज के प्लॉट का विकास शुल्क अब 84 हजार रुपये के करीब लगेगा। इसी तरह कॉमर्शियल प्रॉपर्टी का होगा 100 गज के पहले 1 लाख रुपये डेवलेपमेंट चार्ज लगता था अब यह दो गुणा यानी 2 लाख रुपये मालिक को देना होगा।
इन्हे भी देना होगा डेवलेपमेंट चार्ज
नए नियम के हिसाब से अब लाल डोरे व टीपी स्कीम में रहने वाले प्लॉट धारकों को भी लगेगा। पहले लाल डोरा व टीपी स्कीम में रहने वाले प्लॉट धारकों को डेवलेपमेंट चार्ज नहीं देना होता था। इस तरह के एरिया में पुराना शहर यानी अंग्रेजों के समय बसा हुआ शहर और सातरोड गांव शामिल है।
गज व मीटर को यूं समझे
1 गज बराबर होता है - 9 स्क्वेयर फीट
प्रति वर्ग मीटर बराबर होता है- 10.7649 स्क्वेयर फीट
ये होंगे नुकसान
- आम आदमी का घर का सपना कमजोर होगा।
- शहर में अवैैध निर्माण बढ़ेेेगा।
- भ्रष्टाचार भी बढ़ने की आशंका
निगम को फायदा
- निगम की आय बढ़ेगी
- आय बढ़ेगी तो निगम कर्मचारियों को वेतन समय पर मिल जाएगा।
तो दोबारा भरना होगा डेवलेपमेंट चार्ज
नए नियम के हिसाब अगर किसी ने डेवलेपमेंट चार्ज भरे हुए हैं और वह दोबारा मकान या दुकान तोड़कर नए नक्शे के साथ बनाना चाहता है तो उसे नए रेट के हिसाब से डेवलेपमेंट चार्ज भरने होंगे। सीधे रूप में इसे यूं समझा जा सकता है कि अगर 100 गज के रिहायशी प्लॉट के अगर किसी ने पहले पुराने रेट के हिसाब से 12 हजार रुपये भरे हुए हैं और अब वह दोबारा नए नक्शे के साथ बनाना चाहता है तो उसे 7 गुणा अधिक शुल्क राशि के साथ यह शुल्क भरना होगा। अथवा उसका शुल्क नए रेट के हिसाब से 84 हजार रुपये के आसपास होगा। 12 हजार रुपये (जो पुराने रेट के हिसाब से भरे जा चुके) उसमें से घटाकर उसे बाकी रुपये और जमा करवाने होंगे।
एक साल में निगम कमा लेगा सवा करोड़ से ज्यादा
इस पॉलिसी के तहत नगर निगम की आय 7 गुणा से अधिक बढ़ जाएगी। फिलहाल नगर निगम में औसतन हर महीने डेवलेपमेंट चार्ज डेढ़ लाख रुपये के आसपास जमा होता है। नई पॉलिसी लागू होने से यह हर महीने साढ़े दस लाख रुपये के आसपास होगी। अगर सालाना का हिसाब लगाए तो पुराने नियम के हिसाब से जहां निगम 18 लाख रुपये एक वर्ष में कमा रहा था अब यह बढ़कर सवा करोड़ रुपये सालाना होगी।
सरकार ने नए नियमों के तहत पॉलिसी लागू की है जिसका लेटर नगर निगम में पहुंच गया है। तुरंत प्रभाव से ये नियम लागू करने के आदेश हैं। इससे नगर निगम की आय बढ़ेेगी।
- अमित बेरवाल, बिल्डिंग इंस्पेक्टर नगर निगम।
यहां होगी लागू रेजीडेंशियल कॉमर्शियल
गुड़गांव, फरीदाबाद 1250 2500 रुपये
सभी नगर निगम 1000 2000 रुपये
सभी नगर परिषद 750 1500 रुपये
सभी नगर पालिका 500 1000 रुपये