हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) ने अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ऑन इनोवेशन एंड एचीवमेंटस में कृषि विश्वविद्यालयों में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह रैंकिंग बुधवार को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से जारी की गई है।
ऑनलाइन माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष सरकार मुख्य अतिथि जबकि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रोफेसर अनिल डी. सहस्रबुद्धे विशिष्ट अतिथि रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बीआर कांबोज ने इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों व विद्यार्थियों को बधाई दी है और इसी प्रकार निरंतर मेहनत कर आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया है। देशभर में अटल रैंकिंग योजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी। गत वर्ष 2020 में भी विश्वविद्यालय ने प्रथम रैंकिंग हासिल की थी।
पिछले साल 674 शिक्षण संस्थानों ने ही आवेदन किया था। इस बार देशभर से 1438 विश्वविद्यालयों और संस्थानों सहित सभी आईआईटी, एनआईटी, आईआईएस आदि ने हिस्सा लिया है। कृषि विश्वविद्यालयों में एचएयू को लगातार दूसरी बार प्रथम रैंकिंग जबकि सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के सभी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में देशभर में चौथा स्थान हासिल किया है। इसमें कई सूचकों के आधार पर शिक्षण संस्थाओं को रैंकिंग दी जाती है।
विश्वविद्यालय को मिली रैंकिंग के लिए भारत सरकार द्वारा जो मापदंड निर्धारित किए गए हैं उनमें बौद्धिक संपदा अधिकार, इनोवेशन, स्टार्ट-अप और उद्यमिता के कार्यक्रम व गतिविधियां, आई एंड ई को स्पोर्ट करने के लिए प्री-इनक्यूबेशन एंड इनक्यूबेशन ढांचा, सुविधाओं के 7.5-7.5 प्रतिशत और आई एंड ई गतिविधियों को स्पोर्ट करने, उनको प्रोत्साहित करने पर खर्च किए गए वार्षिक बजट के लिए 13 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए थे।
इनोवेशन, बौद्धिक संपदा अधिकार, शोध व उद्यमिता कोर्सेज के लिए पांच प्रतिशत, बौद्धिक संपदा, तकनीक हस्तांतरण और वाणिज्य करण के लिए 32 प्रतिशत व सफल इनोवेशन स्टार्ट-अप्स के लिए 35 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए थे। विश्वविद्यालय की ओर से इस रैंकिंग के लिए 2020 में आवेदन किया था।