चरखी दादरी में पंजाब यूनिवर्सिटी में क्लर्क और चपरासी व शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय में चालक भर्ती कराने की एवज में तीन युवकों से 16 लाख ठगने का मामला सामने आया है। झज्जर के दुजाना निवासी एवं युवकों के परिचित ने इसकी शिकायत एसपी कार्यालय में दी है जिसके आधार पर सिटी थाना पुलिस ने तीन नामजद समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में दुजाना निवासी दिनेश शर्मा ने बताया कि उसने दादरी में अपना कार्यालय खोल रखा था। 2020 में उसकी मुलाकात चरखी निवासी मनोज से हुई। मनोज पुलिस विभाग में एसपीओ था और उसकी ड्यूटी एक बैंक के पास थी। दिनेश ने बताया कि बातचीत होने पर मनोज ने उसे बताया कि वह युवाओं को अलग-अलग विभागों में भर्ती कराता है। अगर तुम्हारा कोई परिचित
हो तो वो उसे भर्ती करवा सकता है। दिनेश ने बताया कि मनोज ने उसे पंजाब यूनिवर्सिटी में क्लर्क और चपरासी पद पर भर्ती कराने की बात कही। इसके अलावा उसे शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय में चालक के पद पर भर्ती कराने का ऑफर भी उसके सामने रखा। क्लर्क के लिए प्रति केस उसने 10 लाख रुपये और चपरासी व चालक के लिए छह-छह लाख रुपये मांगे।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपने भतीजे रवि और दो भांजों राहुल व ललित को परिजनों समेत मनोज से मिलवाया। इसके बाद तीनों ने मनोज को करीब 16 लाख रुपये दे दिए। कुछ समय बाद मनोज ने उसके भांजों व भतीजे को पंजाब यूनिवर्सिटी लेकर गया और वहां उन्हें ज्वाइनिंग लेटर दिए। इसके बाद उसने उन्हें फोटो कॉपी देकर ज्वाइनिंग लेटर अपने पास रख लिए। इसके बाद एक अन्य शख्स से उन्हें मिलवाया और कुछ दिन बाद उनकी ज्वाइनिंग होने की बात कही गई, लेकिन काफी दिन बीतने के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसके बाद वो यूनिवर्सिटी गए तो पता चला कि ऐसी कोई भर्ती यहां हुई ही नहीं। इसके बाद वो मनोज के घर गए तो वो वहां नहीं मिला। गत 19 दिसंबर को दिनेश शर्मा ने इसकी शिकायत दादरी एसपी कार्यालय में दी।
कई युवाओं को बनाया निशाना, पांच करोड़ ठगने का आरोप
शिकायकर्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि आरोपी मनोज, संजय व सुनील समेत उसके साथी कई युवाओं को ठगी का शिकार बना चुके हैं। जब वो अपने रुपये मांगने मनोज के घर पहुंचे तो उन्हें इसका पता चला। दिनेश शर्मा के अनुसार आरोपियों ने कई युवाओं से ठगी की है और यह रकम करीब पांच करोड़ बनती है।