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हरियाणा: होम स्टे नीति में मकान मालिकों को बड़ी रियायतें, ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Mon, 18 Oct 2021 12:13 PM IST
प्रमोद कुमार यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में अब ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। होम स्टे नीति में मकान मालिकों को बड़ी रियायतें प्रदेश सरकार की ओर से दी गई हैं। इससे ग्रामीण पर्यटन को बूस्ट मिलेगा। पर्यटक भी ग्रामीण संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे। पर्यटन मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे इकाइयों का पंजीकरण पर्यटन विभाग करेगा।
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पर्यटन मंत्री कंवर पाल गुर्जर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने होम स्टे नीति में मकान मालिकों को बड़ी रियायतें दी हैं। मकान को नीति के तहत पंजीकृत कराने पर सीएलयू शुल्क, विलासिता और बिक्री टैक्स में छूट मिलेगी। बिजली-पानी की दरों में भी राहत दी गई है। हालांकि यह नीति निकाय क्षेत्रों में लागू नहीं होगी, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना इसका मुख्य उद्देश्य है। पर्यटन मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे इकाइयों का पंजीकरण पर्यटन विभाग करेगा। नीति का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम चार कमरों का मकान होना जरूरी है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग पंजीकृत होम स्टे इकाइयों से भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क नहीं लेगा। विलासिता और बिक्री कर, वैट में (तीन कमरों तक) छूट मिलेगी। 3000 रुपये के बिल या 500 यूनिट तक बिजली की घरेलू दरें और उसके बाद वाणिज्यिक दरें लागू होंगी। पानी की घरेलू दरें 1000 रुपये के बिल या 300 यूनिट, जो भी प्रति माह कम हो, तक लागू रहेंगी। उसके बाद वाणिज्यिक दर से बिल वसूला जाएगा।
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मकान मालिक का घर में रहना, पार्किंग जरूरी
  • होम स्टे वाले घर में मकान मालिक का रहना जरूरी है। सभी कमरों में संलग्न शौचालय और स्नानघर होने चाहिए।
  • नियमों की अवहेलना पर पंजीकरण रद्द होने की स्थिति में ब्याज सहित सब्सिडी की वसूली की जाएगी।
  • घर के लिए सड़क और पर्याप्त पार्किंग स्थल होना चाहिए।
  • नगर निकाय की सीमा के भीतर स्थित कोई भी घर योजना के तहत पंजीकरण और सब्सिडी के लिए पात्र नहीं है।
  • नियमों के तहत छूट राज्य सरकार पर निर्भर है, सरकार के खिलाफ कोई दावा नहीं कर सकेंगे।
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इन स्थिति में होगी कार्रवाई, नहीं मिलेगा लाभ
  • पर्यटकों से ओवरचार्जिंग, दुर्व्यवहार, कदाचार, कमरों में अस्वच्छता, आवश्यक मानकों को बनाए रखने में विफलता पर पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा
  • महानिदेशक, पर्यटन लिखित आदेश से होम स्टे यूनिट का नाम पंजीकृत सूची से हटा सकेंगे
  • मकान मालिक को जमाखोरी, तस्करी, मुनाफाखोरी, भोजन और दवाओं की मिलावट या भ्रष्टाचार इत्यादि में दोषी ठहराया गया है, तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • किसी सरकारी प्राधिकरण के मकान मालिक को काली सूची में डालने पर पंजीकृत इकाई से नाम हट जाएगा
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विदेशी मुद्रा आएगी, रोजगार बढ़ेगा
पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव एमडी सिन्हा ने कहा कि पर्यटन अर्थव्यवस्था से रोजगार बढ़ेगा। मूल्यवान विदेशी मुद्रा आएगी। पारंपरिक कलाओं, शिल्प और कौशल आदि को देशी-विदेशी पर्यटक जान सकेंगे। होटल या रिसॉर्ट में पेश किए जाने वाले आवास में पर्यटकों को इस तरह के अनुभव नहीं मिल पाते। पर्यटक घर का बना खाना तो खाएंगे ही, फूलों की खेती, फसल कटाई, मधुमक्खी पालन, डेयरी आदि को जानने का मौका भी मिलेगा। विभाग के अधिकारी समय-समय पर होम स्टे इकाइयों का निरीक्षण करेंगे।


 
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