भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन नें पांच अधीक्षकों को अतिरिक्त सचिव के पद पर पदोन्नत करने की अनुशंसा की थी, लेकिन बोर्ड सचिव ने नियमों का हवाला देते हुए उस पदोन्नति पर रोक लगा दी है। बोर्ड सचिव ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि जिन पदों पर कर्मचारियों को पदोन्नति देने की अनुशंसा की गई है, वे पद ही समाप्त हो चुके हैं।
सरकारी सेवा शर्तों के अनुसार जो पद लगातार तीन साल तक खाली रह जाते हैं, उन्हें समाप्त समझा जाता है। ऐसे में उन पदों पर पदोन्नति नहीं दी जा सकती। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन जगबीर सिंह ने पांच अगस्त 2021 को पांच अधीक्षकों को अतिरक्ति सचिव पर पदोन्नत करने की अनुशंसा की थी। संयुक्त सचिव डॉ. पीके शर्मा और उपसचिव राजेंद्र सिंह जांगड़ा ने भी इस पर सहमति जताई थी। अनुशंसा में कहा गया था कि उक्त अधीक्षकों का सेवा रिकॉर्ड 70 फीसदी से अधिक अच्छा है और उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई भी लंबित नहीं है।
निदेशक को पुनर्विचार के लिए भेजा
सचिव ने सभी नियमों का हवाला देते हुए मामले को पुनर्विचार के लिए हरियाणा स्कूली शिक्षा निदेशक के पास भेज दिया है। वहीं उन्होंने साफ कर दिया है कि समाप्त हो चुके पद पर किसी प्रकार की कोई नियुक्ति नहीं की जा सकती। इसलिए पदोन्नति का सवाल ही नहीं उठता।
10 सहायकों की पदोन्नति भी अटकी
अधीक्षकों की पदोन्नति पर रोक लगने के साथ ही 10 सहायकों की पदोन्नति भी अटक गई है। इन सहायकों को पदोन्नत करने की घोषणा बोर्ड के चेयरमैन ने 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान की थी। मगर अधीक्षकों की पदोन्नति रुकने के कारण अब ये सहायक भी पदोन्नत नहीं हो पाएंगे, क्योंकि सहायक सचिव के पद पर जो अधीक्षक पदोन्नत हो रहे थे, उनकी जगह पर ही इन्हें पदोन्नत किया जा रहा था। अब सीट रिक्त नहीं होने के कारण इनकी पदोन्नति भी रुक गई है। (संवाद)
मुझे जानकारी नहीं
मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
- जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।
नियमों के विरुद्ध काम नहीं हो सकता
नियमों के विरुद्ध कोई कार्य नहीं किया जा सकता है। प्रदेश सरकार और स्कूली शिक्षा निदेशक के पास मामले को पुनर्विचार के लिए भेजा गया है। वहां से जो भी फैसला होगा, उसके आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।
- हितेंद्र शर्मा, सचिव, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।