जिला में सोमवार को डेंगू के 12 नए मरीज आए हैं। इस सीजन के दौरान अभी तक 115 डेंगू के केस सामने आ चुके हैं। इसको लेकर उपायुक्त विक्रम सिंह ने सोमवार को अपने कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली।
बैठक में उपायुक्त ने डेंगू की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई जाए।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह से डेंगू बुखार की रोकथाम के बारे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए कार्य, डेंगू से संबंधित जिले में कितने मरीज हैं, उन्हें किस प्रकार उपचार दिया जा रहा है, इस बारे समीक्षा की। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वे आईएमए के डॉक्टरों के साथ एक बैठक करना सुनिश्चित करें।
जिला सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले में डेंगू से बचाव बारे निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां भी पानी खड़ा होता है, वहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा काले तेल का छिड़काव किया जाता है, ताकि डेंगू का लारवा फैल न सके। इस मौके पर डॉ. सुखप्रीत, आईपीआरओ धर्मेन्द्र कुमार, डॉ. सुनील हरि व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इन्हें है प्लेटलेट की जरूरत
जिला सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिह ने बताया कि प्लेटलेट की उस व्यक्ति को जरूरत पड़ती है, जिसके प्लेटलेट 10 हजार से कम हो जाते हैं, शरीर पर नीले रंग के निशान या शरीर में किसी जगह से खून निकलता है। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर विभाग द्वारा एक लैटर जारी करके संबंधित चिकित्सकों को अवगत करवाने का काम कर दिया गया है।
मरीजों को दे रहे मेडिकेटेड मच्छरदानी
जिला सिविल सर्जन ने बताया कि जो भी मरीज डेंगू से प्रभावित पाया जाता है, उसे मेडिकेटेड मच्छरदानी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ मच्छर भगाने वाली किट भी दी जा रही है, ताकि डेंगू का फैलाव न हो सके। इसके साथ-साथ संबंधित मरीज को उपचार संबंधी दवाइयां भी दी जा रही हैं। मच्छरों का लारवा खाने वाली गंबुजिया मछली छोटे तालाबों में छोड़ी जा रही हैं।