फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: सड़क हो या इमारत...निर्माण कार्य में मानक दरकिनार, हर जगह धूल का गुबार

Mon, 30 Oct 2023 02:24 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

पीडब्ल्यूडी मुख्य अभियंता आरबी सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य के संबंध में जो भी मानक तय हैं। उनका पालन कराया जाएगा। इसकी जांच कराकर समुचित प्रबंध करने का निर्देश कार्य करा रही फर्मों को दिया जाएगा। कोई लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
गोरखपुर में ट्रांसपोर्ट नगर के पास उड़ रही धूल। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर शहर में चल रहे विकास कार्यों के निर्माण में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए बनाए गए मानकों की जमकर अनदेखी हो रही है। सिक्सलेन-फोरलेन, ओवरब्रिज हो या बहुमंजिली इमारतें, हर जगह मानक के अनुरूप बैरिकेडिंग नहीं हो रही है। धूल के गुबार में लोगों का दम घुट रहा है। शहर की आबोहवा तो बिगड़ ही रही है, लोगों की सेहत को नुकसान पहुंच रहा है।

विज्ञापन


प्रदेश सरकार की ओर से निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सावधानी के संबंध में निर्देश भी जारी किया गया है। आवास विभाग ने बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए बाकायदा गाइड लाइन जारी की है। शनिवार को शहर में हो रहे निर्माण कार्यों की पड़ताल में हैरान करने वाले पहलु सामने आए। कहीं भी बैरिकेडिंग नहीं मिली। धूल न उड़े इसके लिए निर्माणकार्य स्थल पर पानी का छिड़काव नहीं देखने को मिला।

शनिवार की दोपहर 1.45 बजे टीपीनगर के पास सिक्सलेन फ्लाईओवर का काम चल रहा था। यहां सड़क किनारे पिलर बनाने के लिए मिट्टी खुदाई हो रही थी। वहीं से कुछ दूर आगे जाने पर सीमेंट से पिलर की ढलाई और जेसीबी से मिट्टी को समतल करने का काम चल रहा था। यहां सड़क के दोनों ओर फैली मिट्टी पर वाहनों के गुजरने से खूब धूल उड़ रही थी। दिन में ही वाहन नजर नहीं आ रहे थे।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: सूदखोरों के जाल में फंसे...तबाह हो गई जिंदगी, खुदकुशी तक की नौबत

यह हाल देवरिया बाईपास से आगे दाउदपुर तक रहा। सड़क के किनारे खड़े रवि कुमार का कहना था कि कार्यदायी संस्था को पानी का छिड़काव करा देना चाहिए ताकि कुछ धूल-मिट्टी से कुछ राहत मिले।

सर्दी के मौसम में हवा में घुले धूल के कण सहित अन्य प्रदूषण फैलाने वाले कारक ऊपर नहीं उठ पाते हैं। धुंध से इनकी एक परत बन जाती है। ऐसे में सांस लेने के दौरान धूल के कण सहित अन्य तत्व शरीर में जाते हैं। इससे फेफड़ों में संक्रमण, खांसी, एलर्जी सहित अन्य परेशानियां होती हैं।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर मंडी में खत्म हो रहा पुराना स्टॉक और बढ़ेगी प्याज की कीमत, जानिए अभी क्या है रेट

ये हैं शासन के दिशा-निर्देश

अपर मुख्य सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदेश के भी डीएम सहित अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि 70 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों के निर्माण स्थलों को चारों ओर 10.5 मीटर उंचे और 70 मीटर से कम ऊंचाई वाले 7.5 मीटर ऊंचाई के बैरिकेट्स लगाए जाएं। एक एकड़ से अधिक, उससे कम ले-आउट प्लान के तहत निर्माण कार्यों में भी 10.5 मीटर और 7.5 मीटर के बैरिकेट्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य के दौरान हर स्टेज पर उसे हरे तिरपाल या जूट की शीट से ढंका जाए। निर्माण स्थल पर स्प्रिंकरल सिस्टम अनिवार्य रूप से हो। निर्माण के दौरान पानी का छिड़काव किया जाए।

इसे भी पढ़ें: आईआरसीटीसी दस दिन में सात ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, जानिए कब रवाना होगी भारत गौरव विशेष ट्रेन

एक ओर ऊंची बिल्डिंग तो दूसरी ओर बन रही सड़क

देवरिया बाईपास से पैडलेगंज की ओर जाने पर बाईं ओर ऊंची बिल्डिंग बन रही है। यहां पर भी वायु प्रदूषण रोकने का कोई प्रबंध नहीं नजर आया। दोपहर 02.10 बजे इसके सामने सिक्सलेन के किनारे नाला बन रहा है। नाला निर्माण का कार्य हनुमान मंदिर के सामने भी चल रहा है। लेकिन यहां पर वायु प्रदूषण रोकने का कोई उपाय नहीं नजर आया।

 
विज्ञापन

पैडलेगंज से फिराक चौराहे तक बन रही फोरलेन सड़क

पैडलेगंज से लेकर फिराक चौराहे तक फोरलेन का निर्माण चल रहा है। इस पूरे रोड पर कहीं पर तिरपाल नहीं नजर आती है। पैडलेगंज से छात्रसंघ चौराहे के बीच दोपहर 02.38 बजे नाले की मिट्टी की पटाई का काम हो रहा था। यहां पर मजदूरों ने बताया कि सड़क किनारे कोई परदा नहीं लगाया गया है। इसके अलावा गोरखनाथ ओवरब्रिज के समानांतर नया ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। दोपहर 03.07 बजे यहां पर ओवरब्रिज में सरिया वेल्डिंग का काम चल रहा था। लेकिन यहां भी निर्माण के दौरान पर्यावरण को सुरक्षित रखने का कोई उपाय नहीं नजर आया।

इसे भी पढ़ें: सियासी दलों की हार-जीत के नाम पर लग रहे मोटे दांव, बच्चों को फंसा रहे जालसाज

इसके अलावा शहर में कौआबाग बरगदवां बाईपास फोरलेन, देवरिया बाईपास फोरलेन, नया सवेरा को जोड़ने के लिए फोरलेन, खजांची फ्लाईओवर, बरगदवां ओवरब्रिज, ओंकार नगर और चौरीचौरा में ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। जंगल कौड़िया से सोनौली फोरलेन और फ्लाईओवर का काम चल रहा है। लेकिन कहीं पर भी तिरपाल सहित अन्य उपाय नहीं किए गए हैं।

पीडब्ल्यूडी मुख्य अभियंता आरबी सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य के संबंध में जो भी मानक तय हैं। उनका पालन कराया जाएगा। इसकी जांच कराकर समुचित प्रबंध करने का निर्देश कार्य करा रही फर्मों को दिया जाएगा। कोई लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें