पैरोल पर रिहा हुए 11 कैदी गोरखपुर जेल में वापस आ गए हैं। उन्होंने अपनी आमद करा ली है। अभी भी पैरोल पर रिहा हुए नौ कैदी लापता हैं। ये कैदी जिस जिले व राज्य के रहने वाले हैं वंहा की पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदेश की सभी जेलों से आठ हफ्ते की पैरोल पर शासन द्वारा सात साल या उससे कम की सजा वाले अपराध में सजा काट रहे सजायाफ्ता कैदियों को रिहा किया गया था। गोरखपुर मंडलीय जेल से भी कुल 26 सजायाफ्ता कैदी रिहा हुए थे। इनमें बिहार के सिवान, गोपालगंज, दिल्ली, नोएडा, गोंडा, गोरखपुर, आजमगढ़, बहराइच , बाराबंकी आदि के रहने वाले कैदी थे।
पेरोल की अवधि दो बार आठ- आठ हफ्ते की बढ़ाने के बाद शासन ने बीते 14 नवंबर को पैरोल की अवधि नहीं बढ़ाई और कैदियों को वापस जेल में आकर आमद कराने को कहा। जिसके बाद तीन कैदी तो जेल में आमद करा लिए लेकिन बाकी वापस नहीं आए। जिसके बाद जेल अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस, प्रशासन व शासन के साथ ही जिस जिले के कैदी थे वंहा की पुलिस व प्रशासन को पत्र लिखकर उन्हें वापस लाने को कहा।
कुछ दिन बाद तीन कैदी और वापस जेल आ गए। जिसके बाद जेल प्रशासन ने एक सप्ताह पूर्व फिर पत्र लिखा और वापस आने के लिए कुछ और समय दिया तथा यह भी हिदायत दी कि वापस नहीं आने पर और वापस न आ पाने का उचित कारण न बताने पर केस दर्ज कराया जाएगा। जिसके बाद शनिवार तक 11 और कैदी मंडलीय कारागार वापस आ गए और आमद करा ली।