महानिदेशक स्कूल शिक्षा की इस पहल के बाद अब आम आदमी भी यह जान सकेगा कि उसके आसपास स्थित स्कूल के सुंदरीकरण के लिए कितने पैसे आए। उन पैसों से स्कूल में क्या-क्या बदलाव आएं। खर्च के हिसाब से स्कूल न दिखने पर आसपास के लोग इसकी शिकायत बीएसए से कर सकेंगे।
जनपद में स्कूल- 2594
बच्चे-180000
शिक्षक- 7400
शिक्षामित्र- 3300
अनुदेशक- 580
बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि महानिदेशक के निर्देश से जिले के समस्त विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को अवगत करा दिया गया है, जिससे वह स्कूलों का खर्च दीवारों पर अंकित करा सकें। प्रधानाध्यापकों को इसमें शिथिलता न बरतने का निर्देश दिया गया है।