केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया की समीक्षा के 48 घंटे के अंदर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के उप निदेशक प्रशासन अश्वनी माहौर को हटा दिया गया है। उन्हें वापस मूल कैडर में भेजा गया है। मंत्री के जाने के 48 घंटे के बाद हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि एम्स निर्माण की प्रगति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री संतुष्ट नहीं हैं। उनकी समीक्षा में एम्स में ढेरों खामियां मिली हैं। अश्वनी माहौर की जगह रायबरेली एम्स के उप निदेशक प्रशासन सरोज कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्हें तत्काल चार्ज लेने के निर्देश दिए गए हैं। अगले दो दिनों के अंदर वह चार्ज लेंगे।
जानकारी के मुताबिक रविवार को एम्स में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एम्स के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। प्रगति रिपोर्ट देखी, इसमें कुछ खामियां मिलीं। निर्माण की धीमी गति पर नाराज दिखे थे। इसकी रिपोर्ट भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को नहीं दी गई थी। मंत्री ने उपकरणों की खरीद, संसाधनों की तैनाती, मानव श्रम की तैनाती को लेकर भी सवाल किए। इस बीच सोमवार की शाम को एम्स को केंद्रीय मंत्रालय से उप निदेशक की प्रतिनियुक्ति से हटाकर मूल विभाग में भेजने का पत्र मिला है।
इसके अलावा राबरेली एम्स के उप निदेशक को तत्काल अतिरिक्त चार्ज संभालने के निर्देश का दिया गया है। बताया जा रहा है कि उप निदेशक दूरसंचार विभाग से प्रतिनियुक्ति पर एम्स आए थे। वह सोमवार की रात में ही दिल्ली रवाना हो भी हो गए हैं।
एम्स गोरखपुर के तत्कालीन उप निदेशक प्रशासन अश्वनी माहौर ने बताया कि दूर संचार विभाग में मूलरूप से तैनाती है। यह दूसरी प्रतिनियुक्ति थी। केंद्रीय कर्मचारी अधिकतम सात साल तक ही दूसरे संस्थान में प्रतिनियुक्ति पर रह सकता है। इसके तहत मुझे वापस बुलाते हुए मूल तैनाती वाले स्थान पर भेजा गया है। केंद्रीय मंत्री के नाराज होने की कोई बात गलत और निराधार है।