फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: ग्रामीण-आदिवासी छात्रों को अब घर बैठे एआईसीटीई प्लेसमेंट पोर्टल से नौकरी

विज्ञापन
विज्ञापन
I-परिषद के चेयरमैन ने कहा, पोर्टल लांच होने के साथ ही 2200 कंपनियों ने पंजीकरण कियाI
विज्ञापन

I- छात्रों को नौकरी और नियोक्ता की मिलेगी जानकारी, विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी हुआ I
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIअब ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के इलाकों में पढ़ने वाले इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, आर्किटेक्चर समेत अन्य पाठ्यक्रमों के छात्रों को नौकरी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों को घर बैठे नौकरी और नियाेक्ता की जानकारी मिलेगी। इसके लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने विशेष ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के तकनीकी कॉलेजों के छात्रों के लिए एआईसीटीई प्लेसमेंट पोर्टल लांच किया है। इसके माध्यम से कंपनियां इन कॉलेजों में जाकर कैंपस प्लेसमेंट करेंगी। खास बात यह है कि पोर्टल लांच के कुछ घंटों में ही 2200 से अधिक सरकारी और मल्टीनेशनल कंपनियों में पंजीकरण कर लिया है। I
Iअखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीमाराम ने कहा है बड़े शहरों के छात्रों के लिए रोजगार की दिक्कत नहीं आती है। लेकिन ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के कॉलेजों तक बड़ी कंपनियां प्लेसमेंट ड्राइव के लिए नहीं जाती है। इसी कारण विशेष एआईसीटीई प्लेसमेंट पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के पास भी घर बैठे IIनौकरी के हजारों विकल्प उपलब्ध होंगे। ज़्यादातर नियोक्ता मैनपावर की तलाश में ग्रामीण इलाकों में नहीं जाते हैं। जबकि ग्रामीण इलाकों के संस्थानों बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली छात्र छात्राएं हैं। इसलिए यह पोर्टल शुरू किया गया है जो छात्रों और नियोक्ताओं के बीच सेतु का काम करेगा। इससे छात्रों कोII मल्टीनेशनल कंपनियों से भी सीधे कनेक्ट करने में मदद मिलेगी। I
विज्ञापन

II
Iयूजर फ्रेंडली और भारतीय भाषाओं में जानकारी I
Iपोर्टल को ग्रामीण परिवेश के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि आम से आम छात्र भी पोर्टल का प्रयोग बिना किसी मदद से खुद कर सके। यानी एआईसीटीई प्लेसमेंट पोर्टल स्टूडेंट फ्रेंडली है। इसके अलावा छात्रों को उनकी भाषा में IIजानकारी मिलेगी। भारतीय भाषाओं के प्रयोग का मकसद सभी छात्रों को सभी जानकारियों से अवगत करवाना है। छात्रों कि सहायता के लिए एआईसीटीई की हेल्पलाइन भी उपलब्ध रहेगी।I
I-I
Iएआईसीटीई इंटर्नशिप पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा I
Iइस पोर्टल को जल्द ही एआईसीटीई के नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा। यह पोर्टल भी यूजर फ्रेंडली बनाया गया है, ताकि वे लोग भी आसानी से एक्सेस कर पाएं। यहां हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी और लेटेस्ट टेक्नोलोजी की जरूरत नही होगी। इसमें नेटवर्किंग टूल्स, करियर काउंसिलिंग, इंटरव्यू टिप्स आदि फीचर्स भी रखे गए हैं जो छात्रों को जल्द नौकरी दिलाने में सहायक होंगे। I
विज्ञापन

I-I
I60 फीसदी छात्र ग्रामीण भारत से हैं I
Iउच्च शिक्षा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कुल 42343 कॉलेज हैं, जिनमें से करीब 26000 (60.56 फीसदी ) कॉलेज ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इस तरह करीब दो तिहाई छात्र ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पढ़ते हैं। इसलिए इन इलाकों के प्रतिभाशाली छात्रों को रोजगार खासकर बड़ी कंपनियों से जोड़ने में काफी मदद करेगा। इसके माध्यम से रोजगार की उपलब्धता और पहुंच के मामले शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के बीच के अंतर को कम किया जा सकेगा। I
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें