ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने शुक्रवार को मेडिकल और केमिकल आदि अलग-अलग कारोबार से जुड़ी तीन कंपनियों व एक संस्था को लगभग 10 एकड़ भूमि आवंटित की है। इससे क्षेत्र में 325 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा और 3500 लोगों को रोजगार मिलेगा। एक कंपनी कोरोना के कारण बच्चों का 5 हजार वर्ग मीटर में अस्पताल बनाएगी। वहीं, केमिकल, इंक आदि का उत्पाद करने वाली कंपनी यहां 275 करोड़ का निवेश करेगी। जबकि एक कंपनी यहां सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाएगी।
कंपनियों के प्रतिनिधियों से प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह और अन्य अधिकारियों की शुक्रवार को ऑनलाइन बैठक हुई। प्राधिकरण ने मैसर्स यूफ्लैक्स लिमिटेड को सेक्टर-32 में 40 हजार वर्गमीटर का भूखंड आवंटित किया। यहां संस्था 275 करोड़ का निवेश करेगी। इस संस्था को यूपी सरकार ने मेगा सुपर मेेगा श्रेणी के अंतर्गत भूमि आवंटित की है। ये यहां केमिकल्स, इंक, कोटिंग और गोंद आदि का उत्पादन करेगी। इससे 850 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस कंपनी की शाखाएं मैक्सिको, नाइजीरिया, हंगरी आदि में भी हैं। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए फिरोजाबाद के बाल रोग विशेषज्ञ मैसर्स एपेक्स मल्टीस्पेशियल्टी हॉस्पिटल समूह को सेक्टर-20 में 5 हजार वर्गमीटर भूखंड आवंटित किया है।
ये समूह यहां 28 करोड़ का निवेश करेगा। कंपनी 500 लोगों को रोजगार देगी। साथ ही, क्षेत्र के लोग बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। इसके अलावा मुंबई के जाने माने शिक्षण संस्थान श्रीविले पार्ले केलवानी समूह को सीनियर सेकेंडरी स्कूल निर्माण के लिए सेक्टर-22 ई में भूखंड आवंटित किया गया। यह संस्था बेहतरीन मैनेजमेंट कॉलेज का संचालन करती है। वहीं, सामाजिक संस्था नोएडा लोक मंच को ओल्ड ऐज होम निर्माण के लिए दो हजार वर्गमीटर भूखंड आवंटित किया गया है। संस्था यहां 5-6 करोड़ का निवेश करेगी।