समिति के सामने पेशी के लिए मुख्य सचिव बाध्य नहीं: हाईकोर्ट
-मुख्य सचिव को पेशी से छूट देते हुए हाईकोर्ट ने की टिप्पणी
मुख्य सचिव ने समिति के समन को दी थी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को विधानसभा की समिति के समक्ष पेश होने से राहत देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि वह पेशी के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं हैं। मुख्य सचिव ने याचिका दायर कर विधानसभा समिति के समन को चुनौती दी थी। समिति ने एक बैठक में शामिल न होने पर मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर तलब किया था।
जस्टिस विभू बाखरू ने अंशु प्रकाश की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याची समिति के समक्ष पेश होने के लिए कानूनन बाध्य नहीं है। कोर्ट ने विधानसभा समिति द्वारा पिछली बैठकों की वीडियो पेश न किए जाने पर मुख्य सचिव को यह राहत प्रदान की। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव की याचिका पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार व उपराज्यपाल समेत सभी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था। हाईकोर्ट के समक्ष इन पक्षकारों ने 11 अप्रैल को अपना अपना जवाब दाखिल कर दिया था। इस पर जवाब देने के लिए मुख्य सचिव ने समय मांगा था। विधानसभा समिति ने गत फरवरी में समन जारी कर मुख्य सचिव को पेश होने का निर्देश दिया था।
समिति ने कोर्ट के क्षेत्राधिकार को दी चुनौती
आवेदन दायर कर कहा कोर्ट को नहीं वीडियो व दस्तावेज मंगाने का अधिकार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने हाईकोर्ट के उस आदेश पर सवाल उठाया है, जिसमें मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की पेशी की वीडियो रिकार्डिंग व लिखित दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया था। समिति ने अदालत में आवेदन दायर कर तर्क रखा है कि कोर्ट को समिति की कार्यवाही की वीडियो व लिखित दस्तावेज मंगाने का अधिकार नहीं है। ऐसे में अदालत अपने 28 अगस्त के आदेश को वापस ले। यह अलग बात है कि पिछली सुनवाई में समिति के वकील ने वीडियो रिकार्डिंग व लिखित दस्तावेज पेश करने पर सहमति जताई थी। जस्टिस विभू बाखरू ने हालांकि मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर तय कर दी, लेकिन साथ ही समिति के आवेदन पर हैरानी जताते हुए कहा कि आपने पिछली सुनवाई में स्वयं माना था कि सभी दस्तावेज व रिकार्डिंग पेश कर देंगे। कोर्ट के समक्ष समिति की ओर से आवेदन पर जिरह करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता केवी विश्वनाथन ने कहा कि अंशु प्रकाश की पेशी की वीडियो व लिखित दस्तावेज कोर्ट में पेश करना अधिकारों के बंटवारे के सिद्घांत के खिलाफ है। इसलिए यह दस्तावेज पेश करने का निर्देश देना कोर्ट के क्षेत्राधिकार के बाहर है। कोर्ट ने कहा कि पिछली तारीख पर समिति के वकील ने कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष ने यह रिकार्ड अंशु प्रकाश को देने की अनुमति प्रदान कर दी है। यह रिकार्ड मुख्य सचिव को 18 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक दे दिया जाएगा। दूसरी ओर मुख्य सचिव की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विवेक छिब ने अधिकारों के बंटवारे के सिद्घांत पर समिति की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि किसी शख्स के संवैधानिक मूल अधिकारों व सरकारी प्रक्रिया संबंधी नियमों के संबंध में कानून पूरी तरह साफ है।