लोनी सीएचसी में भरा पानी, इलाज पर लगा ताला
लोनी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोनी में जलभराव होने से ताला लटक गया है। मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। करीब छह किमी दूर मंडोला स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए जाना पड़ रहा है। सीएचसी परिसर से पानी निकालने का काम चल रहा है।
लोनी की करीब 17 लाख की आबादी सरकारी इलाज के लिए सीएचसी पर निर्भर है। लेकिन बरसात के चलते लोनी सीएचसी में जलभराव होने पर स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया गया है। अस्पताल पर ताला लग गया है। पानी इतना ज्यादा है कि लोगों ने आना बंद कर दिया है। वहीं जलभराव की समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोनी सीएचसी की सेवाएं छह किलोमीटर दूर मंडोला पीएचसी में शुरू कर है। कुछ मरीज मंडोला जाकर इलाज करा रहे हैं। लेकिन मंडोला स्वास्थ्य केंद्र दूर होने के कारण मरीज स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं। टीला शाहबाजपुर गांव, जावली, बंथला, चिरोड़ी समेत लोनी की कई कॉलोनियों के मरीज झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं।
बोले प्रभारी
सीएचसी लोनी प्रभारी डॉक्टर राजेश तेवतिया ने बताया कि भारी बरसात होने से सीएसचसी प्रांगण मे पानी भरने पर ग्राउंड फ्लोर के सामान को फर्स्ट फ्लोर पर शिफ्ट कराया गया है। जब तक अस्पताल का पानी नहीं उतर जाता, तब तक अस्पताल को मंडोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं अस्पताल में आने वाले डिलीवरी के मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। जब तक पानी नही निकलता तब तक वैकल्पिक व्यवस्था से ही काम चलाना पड़ेगा।
दो पंप से निकाला जा रहा पानी
दो पंप सेट से पानी निकाला जा रहा है। ईओ शालिनी गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका ने अस्पताल में पंप लगाकर पानी निकालने का काम शुरू करा रखा है, लेकिन अस्पताल सड़क से नीचे होने के कारण और तालाब से सटे होने के कारण तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर अस्पताल में भर जाता है। अगर बारिश नहीं हुई तो एक दो दिन में पानी निकल जाएगा।
लोनी सीएचसी में वह अपना इलाज कराने जाते थे, लेकिन बरसात के कारण वहां जलभराव हो गया है। मजबूरी में स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ रहा है। - दिनेश माथुर
लोनी में कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। बीमार होने स्थानीय डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है। अच्छे इलाज के लिए दिल्ली जाना पड़ता है। - ज्योति