उसने बताया कि वह काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो वह उसे तलाशते हुए यमुना नदी के किनारे पहुंचे। मौके पर बच्चों के कपड़े व चार जोड़ी चप्पलें तो थीं मगर बच्चों का कहीं से कुछ पता नहीं लग रहा था। यमुना में बचाव कार्य शुरू किया गया था। बचाव कार्य के दौरान फरमान का शव बुधवार शाम को मिल गया था।
तीन बच्चों की तलाश के लिए गुरुवार सुबह फिर तलाशी अभियान चलाया गया था। दोपहर करीब ढाई बजे मोहम्मद अली का शव डूबने वाली जगह से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर यमुना में मिल गया था। पौने चार बजे साहिल का शव डूबने वाली जगह पर ही मिल गया था। बचाव कार्य देर रात को बंद कर दिया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार चौथे बच्चे की तलाश के लिए शुक्रवार सुबह फिर बचाव कार्य शुरू किया जाएगा। दिल्ली पुलिस के अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट, दमकल विभाग के साथ गोताखोर बच्चों को तलाशने में लगे हुए थे।