भैया अस्पताल में व्हील चेयर या स्ट्रेचर नहीं हैं क्या? हमें अपने दादी को हड्डी वाले डॉक्टर को दिखाने ले जाना है। उन पर चला नहीं जा रहा है। काफी देर से गाड़ी में लेटी हुई हैं। देखो यहां न तो स्ट्रेचर है और न ही व्हील चेयर है। यदि डॉक्टर को दिखाना है तो कंधों पर उठाओ और डॉक्टर के पास ले जाओ, क्योंकि यहां नर्सिंग स्टाफ भी नहीं है। इतना सुनते ही बुजुर्ग महिला को अस्पताल लेकर आए परिजनों में रोष बढ़ गया। उन्होंने पहले तो स्वास्थ्य कर्मियों को खरी खोटी सुनाई। लोगों का गुस्सा देकर स्वास्थ्य कर्मी वहां से निकल लिए। बाद में परिजनों ने बुजुर्ग महिला को गोद में उठाया और डॉक्टर के पास ले गए। ऐसी समस्या इस जिला नागरिक अस्पताल में पहली बार नहीं है। हर दिन यहां इस तरह की परेशानी लोगों को झेलनी पड़ती है, लेकिन उसका असर स्वास्थ्य विभाग पर नहीं दिखाई देता है।