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दिल्ली दंगा: हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में दो आरोपियों को दी जमानत, एक को इनकार, ये है पूरा मामला

Tue, 01 Feb 2022 11:44 AM IST
पूजा त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली

सार

पुलिस के अनुसार 2020 के दंगों के दौरान अकबरी बेगम अपने घर के अंदर थीं, उसी दौरान भीड़ ने उनके घर को आग के हवाले कर दिया जिसमें उनकी की मौत हो गई।
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फाइल फोटो - फोटो : जी पॉल
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विस्तार
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उच्च न्यायालय ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के सिलसिले में एक बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में दो आरोपियों को मंगलवार को जमानत दे दी। वहीं एक अन्य आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया।

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न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने मामले में आरोपी अरुण कुमार और रवि कुमार को राहत प्रदान करते हुए जमानत प्रदान कर दी। वहीं तीसरे आरोपी विशाल सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा आरोपी विशाल सिंह के खिलाफ काफी साक्ष्य है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा थाने में दर्ज 85 वर्षीय अकबरी बेगम की हत्या के मामले में आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार भजनपुरा निवासी महिला अपने घर के अंदर थी, जब भीड़ ने कथित तौर पर उसमें आग लगा दी जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार परिवार के अन्य सदस्य खुद को बचाने के लिए छत पर चढ़ गए, जबकि अकबरी बेगम अपनी दूसरी मंजिल के कमरे को नहीं छोड़ सकीं और अपनी अधिक उम्र के कारण सीढ़ी का उपयोग करके ऊपर नहीं चढ़ सकीं और दम घुटने से उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस ने दर्ज किया था हत्या, हत्या का प्रयास समेत विभिन्न आरोपों में मामला

पुलिस ने मामले में हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और दंगा सहित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। चार्जशीट के अनुसार विभिन्न पुलिस कर्मियों, चश्मदीदों और आग बुझाने में मदद करने वालों के बयान उन लोगों की पहचान करने के लिए दर्ज किए गए थे जो दंगा करने वाली भीड़ का हिस्सा थे और उन्होंने घर को आग लगा दी थी।

पुलिस ने छह लोगों- अरुण कुमार, वरुण कुमार, विशाल सिंह, रवि कुमार, प्रकाश चंद और सूरज को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। 24 फरवरी, 2020 को उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, नागरिकता कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद 53 लोगों की मौत हो गई और लगभग 700 लोग घायल हो गए।
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