आरोपी मोरजेन हुसैन और मिठू सेख ने खुलासा किया कि वह सीमापुरी, दिल्ली और शाहिदनगर, यूपी से रिहान और साकिर नामक अपने साथियों से चोरी के सामान/मोबाइल फोन खरीदते हैं और आगे इन चोरी के मोबाइल फोन को मालदा, पश्चिम बंगाल में मासूम और मनन नामक अपने साथियों को सप्लाई करते हैं। इन चोरी के मोबाइल फोन को आगे ग्रे मार्केट में बांग्लादेश में बेचा जाता है। आरोपी मोहम्मद असिक मासूम और मनन के निर्देश पर बरामद मोबाइल फोन की डिलीवरी लेने आया था ताकि इन मोबाइल फोन को बांग्लादेश में आगे सप्लाई कर सके। वह चोरी के मोबाइल फोन लेने के लिए अक्सर दिल्ली आता रहता है।
आरोपी अब तक डेढ़ साल की अवधि में बांग्लादेश में लगभग 1000 मोबाइल फोन सप्लाई कर चुके हैं। आरोपी मोरजेन हुसैन (35) का गांव भारत-बांग्लादेश सीमा के पास है। आरोपी मिठू सेख (28) के 4 छोटे भाई हैं। मोहम्मद असिक (25) स्नातक है। वह चोरी के मोबाइल फोन लेने के लिए अक्सर भारत आता-जाता रहता है।
आरोपी वर्ष 2012 में आरोपी मोरजेन हुसैन को एनआईए ने भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए पाकिस्तान से 500 और 1000 रुपये के नकली भारतीय नोटों (नकली भारतीय मुद्रा नोट) की तस्करी करने और पूरे भारत में इसे प्रसारित करने के मामले में गिरफ्तार किया था। चूंकि उसका ठिकाना बांग्लादेश में था, इसलिए जेल से बाहर आने के बाद उसने चोरी के मोबाइल फोन का धंधा शुरू कर दिया। मोहम्मद असिक के नाम से जारी एक बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद किया गया है।