पहला कारण
पहला जो प्रमुख कारण सामने आया है उस फर्श विहार में रहने वाली बुकी नितिन जैन से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगना है। ऑनललाइन सट्टा रैकेट नितिन जैन क्रिकेट सट्टेबाजी मामले में जेल से बाहर आने के बाद दुबई चला गया। उसने लरेंस बिश्रोई गिरोह को 10 करोड़ रुपये की रंगदारी देने मना कर दिया। अब लॉरेंस के गुर्गे नितिन जैन के परिजनों को परेशान कर रहे हैं। नितिन जैन कुछ समय तक हाशिम बाबा के खास गुर्गे राशिद केबलवाले के संपर्क रहा था। वह भी नितिन जैन पर रंगदारी देने का दवाब बना रहा था। माना जा रहा है कि नादिरशाह के इशारे पर नितिन जैन रंगदारी नहीं दे रहा था।
दूसरा प्रमुख
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाशिम बाबा के खास गुर्गे शाहरुख ने मदनगीर में रंगदारी नहीं देने पर जानलेवा हमला किया था। करीब दो महीने पीड़ित ने शाहरुख के खिलाफ कोर्ट में गवाही दे दी है। इस गवाही से शाहरुख को सजा मिलना तय माना जा रहा है। पीड़ित नादिरशाह का करीबी था, इस कारण उसने गवाही दी थी। नादिरशाह की हत्या का ये भी प्रमुख कारण माना जा रहा है।
तीसरा कारण
नादिरशाह की गैंगस्टर लॉरेंस बिश्रोई-गोल्डी बरारा व हाशिम बाबा के दुश्मनों/विरोधियों गिरोह से नजदीकियां बढ़ती जा रही थीं। इनको लगता था कि नादिरशाह विरोधी गिरोहों को फाइनेंस भी कर रहा है। इनको लगता था कि इनके विरोधी रोहित चौधरी व रविगंगवाल को नादिरशाह ही चला रहा है। इनको ये भी पता था कि नादिरशाह की दिल्ली पुलिस में अच्छी उठक-बैठक है। हालांकि इस समय नादिरशाह ने आपराधिक वारदातों को अंजाम देना बंद कर दिया था।
चौथा कारण
गैंगस्टर हाशिम बाबा का ट्रांस यमुना क्षेत्र गढ़ रहा है। वह अपना एरिया बढ़ाकर अब दक्षिण दिल्ली के इलाके मदनगीर, आया नगर व महरौली तक बढ़ाना चहाता था। दक्षिण दिल्ली में रोहित चौधरी व रवि गंगवाल का आपराधिक दहशत रही है। वह हाशिम बाबा के दक्षिण दिल्ली में घुसने का विरोध कर रहे थे। हाशिम बाबा को ये भी लगता था कि नादिरशाह की वजह से रोहित और रवि उसका विरोध कर रहे हैं। हाशिम बाबा किसी भी कीमत पर अपना वर्चस्व चहाता है।
ये भी कारण रहा है
दुबई में बैठे कृणाल छाबड़ा से भी रंगदारी मांगी गई थी। कृणाल छाबड़ा ने भरी रंगदारी देने से माना कर दिया। ऐसे में लॉरेंस बिश्रोई व गोल्डी बरार को लगता था कि नादिरशाह उनके काम में बहुत ज्यादा बाधा पैदा कर रहा है।