बारिश के बाद भी दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण धुलने की जगह घना हो गया। मिक्सिंग हाइट व वेटिलेशन इंडेक्स की प्रतिकूल होने से 24 घंटे में दिल्ली समेत सभी पड़ोसी शहरों की हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। बेहद खराब श्रेणी को पार करता हुआ नोएडा का सूचकांक गंभीर स्तर में पहुंच गया। जबकि दिल्ली व फरीदाबाद का सूचकांक बेहद खराब और गंभीर की सीमा पर रहा। ग्रेटर नोएडा की हवा खराब से बेहद खराब स्तर में चली गई। मामूली सुधार गुरुग्राम में दर्ज किया गया। फिर भी, हवा बेहद खराब स्तर में ही बनी रही। प्रदूषण पर नजर रखने वाली एजेसियों का अनुमान है कि बारिश की वजह से अगले दो दिनों में प्रदूषण स्तर में कमी आएगी। इस दौरान गुणवत्ता खराब से औसत दर्ज के बीच पहुंच सकती है। दिल्ली में आज सवेरे 380 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
भारतीय ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) और सफर का आकलन है कि बुधवार की बारिश के बाद भी दिल्ली-एनसीआर की मिक्सिंग हाइट व वेंटिलेशन इंडेक्स मानक से कम रहा। इस दौरान मिक्सिंग हाइट 600 मीटर व इंडेक्स 3000 वर्ग मीटर/सेंकेड रिकॉर्ड किया गया। इससे प्रदूषक वायुमंडल में न तो ऊपर जा सके और ही सतह के बराबर दूर-दूर तक फैल सके। नतीजा दिल्ली समेत इसके पड़ोस के एनसीआर शहरों में 24 घंटे में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई।
आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि बारिश होने के साथ बृहस्पतिवार को मिक्सिंग हाइट व वेंटिलेशन इंडेक्स में भी सुधार होगा। इससे प्रदूषण स्तर में कमी आएगी। वायु गुणवत्ता सूचकांक इस दौरान खराब स्तर में पहुंच जाएगा। शुक्रवार तक इसमें और सुधार होगा। इस दौरान गुणवत्ता सूचकांक औसत स्तर में पहुंच जाएगा।
24 घंटे में वायु गुणवत्ता सूचकांक में आया बदलाव
| शहर |
मंगलवार |
बुधवार |
| दिल्ली |
374 |
397 |
| गाजियाबाद |
371 |
376 |
| गुरुग्राम |
353 |
326 |
| नोएडा |
362 |
404 |
| फरीदाबाद |
327 |
400 |
| ग्रेटर नोएडा |
282 |
318 |